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गन्ने का मूल्य 550 रुपये प्रति क्विंटल नहीं तो आंदोलन : नरेश टिकैत
Updated Sun, 28 Oct 2018 01:17 AM IST
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बागपत। भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि राजनीति से दूर रहकर किसानों की सेवा करना ही उद्देश्य है। लोकसभा चुनाव में वह और उनका परिवार दूरी बनाए रखेगा। केंद्र और प्रदेश सरकार को गन्ने का मूल्य 550 रुपये प्रति क्विंटल करना चाहिए। सही भाव नहीं मिला तो इसके विरोध में आंदोलन होगा। भाजपा किसानों के बीच फूट डालकर राजनीति कर रही है।
भाकियू जिलाध्यक्ष प्रताप गुर्जर के आवास पर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि गन्ना पेराई सत्र शुरू हो चुका है, लेकिन केन्द्र और प्रदेश सरकार ने गन्ना मूल्य घोषित तक नहीं किया। रेट बढ़ाने पर भी सरकार का कोई ध्यान नहीं है। हर साल महंगाई बढ़ रही है, लेकिन सरकार को किसानों की कोई चिंता तक नहीं है। बढ़ती महंगाई को देखकर गन्ने का भाव 550 प्रति क्विंटल रुपये घोषित करना चाहिए। इससे कम पर किसान किसी भी कीमत पर अपना गन्ना नहीं देंगे। भाजपा सरकार लगातार किसानों का उत्पीड़न कर रही है, इसे सहन नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा किसानों को पंजाब में खेती के लिए नि:शुल्क बिजली दी जाती है, लेकिन उत्तर प्रदेश में किसानों से अधिक बिल वसूला जाता है। उन्होंने कहा उपेक्षा के कारण युवाओं का ध्यान खेती से भटक चुका है और वह गांवों से पलायन तक कर रहे हैं। यदि सरकार को युुवाओं का पलायन रोकना है तो उनको खेती को बढ़ावा देना होगा। केन्द्र सरकार ने किसान यात्रा के दबाव के चलते किसानों की मांगों को पूरा किया और इनमें से कुछ मांगे पूरी हो गई। शेष जो हैं, उनको भी जल्द पूरा करने के लिए आंदोलन होगा। उन्होंने कहा कि भाकियू किसान और समाजसेवा करने वाला संगठन है और उनका राजनीति से कोई लेनादेना नहीं है। वह किसी भी पार्टी से चुनाव जैसी बात नहीं सोच सकते। परिवार का कोई भी सदस्य चुनाव नहीं लड़ेगा। वह बिना राजनीति के ही किसानों की सेवा करना चाहते हैं। उनके साथ जिलाध्यक्ष प्रताप गुर्जर, इंद्रपाल सिंह, योगेश प्रधान आदि रहे।
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भाकियू जिलाध्यक्ष प्रताप गुर्जर के आवास पर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि गन्ना पेराई सत्र शुरू हो चुका है, लेकिन केन्द्र और प्रदेश सरकार ने गन्ना मूल्य घोषित तक नहीं किया। रेट बढ़ाने पर भी सरकार का कोई ध्यान नहीं है। हर साल महंगाई बढ़ रही है, लेकिन सरकार को किसानों की कोई चिंता तक नहीं है। बढ़ती महंगाई को देखकर गन्ने का भाव 550 प्रति क्विंटल रुपये घोषित करना चाहिए। इससे कम पर किसान किसी भी कीमत पर अपना गन्ना नहीं देंगे। भाजपा सरकार लगातार किसानों का उत्पीड़न कर रही है, इसे सहन नहीं किया जाएगा।
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उन्होंने कहा किसानों को पंजाब में खेती के लिए नि:शुल्क बिजली दी जाती है, लेकिन उत्तर प्रदेश में किसानों से अधिक बिल वसूला जाता है। उन्होंने कहा उपेक्षा के कारण युवाओं का ध्यान खेती से भटक चुका है और वह गांवों से पलायन तक कर रहे हैं। यदि सरकार को युुवाओं का पलायन रोकना है तो उनको खेती को बढ़ावा देना होगा। केन्द्र सरकार ने किसान यात्रा के दबाव के चलते किसानों की मांगों को पूरा किया और इनमें से कुछ मांगे पूरी हो गई। शेष जो हैं, उनको भी जल्द पूरा करने के लिए आंदोलन होगा। उन्होंने कहा कि भाकियू किसान और समाजसेवा करने वाला संगठन है और उनका राजनीति से कोई लेनादेना नहीं है। वह किसी भी पार्टी से चुनाव जैसी बात नहीं सोच सकते। परिवार का कोई भी सदस्य चुनाव नहीं लड़ेगा। वह बिना राजनीति के ही किसानों की सेवा करना चाहते हैं। उनके साथ जिलाध्यक्ष प्रताप गुर्जर, इंद्रपाल सिंह, योगेश प्रधान आदि रहे।
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