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गड़िया लुहारों को आवास मिलने की आस जगी
Updated Fri, 15 Jun 2018 01:28 AM IST
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बागपत। खेकड़ा में खुले आसमान में तंबू लगाकर वर्षों से रह रहे गड़िया लुहारों को खाली पड़े कांशीराम आवास दिलाने की तैयारी है। सीडीओ ने परियोजना निदेशक को निर्देश दिए कि जिला स्तरीय अधिकारियों से सुझाव लेकर जल्द प्रक्रिया पूरी करें ताकि इन परिवारों को आवास दिलाया जा सके।
खेकड़ा नगर में वर्षों से गड़िया लुहारों के दर्जनों परिवार एक खाली स्थान पर तंबू लगाकर रह रहे हैं। तंबू ही सिर ढकने का सहारा है। वहां शौचालय की कोई व्यवस्था नहीं होने से लोग खुले में शौच करने को मजबूर हैं। अफसरों से वह कई बार योजना के तहत आवास की मांग कर चुके है, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। अब जिला एकीकरण समिति के सदस्यों ने गड़िया लुहारों को आवास दिलाने की मांग रखी है। सीडीओ पीसी जायसवाल ने इसका संज्ञान लेते हुए परियोजना निदेशक को निर्देश दिए कि खेकड़ा में काफी संख्या में कांशीराम आवास खाली पड़े हैं। जिला स्तरीय अधिकारियों से वार्ता कर सुझाव लें ताकि 100 से 250 परिवारों को आवास मिल सके और इनके बच्चे अच्छी पढ़ाई करके समाज की मुख्य धारा से जुड़ सकें। आवास से संबंधित सभी प्रक्रिया को पूरा कर इन सभी परिवार को आवास का लाभ मिल सके, इस संबंध में जल्द कार्रवाई की जाए।
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खेकड़ा नगर में वर्षों से गड़िया लुहारों के दर्जनों परिवार एक खाली स्थान पर तंबू लगाकर रह रहे हैं। तंबू ही सिर ढकने का सहारा है। वहां शौचालय की कोई व्यवस्था नहीं होने से लोग खुले में शौच करने को मजबूर हैं। अफसरों से वह कई बार योजना के तहत आवास की मांग कर चुके है, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। अब जिला एकीकरण समिति के सदस्यों ने गड़िया लुहारों को आवास दिलाने की मांग रखी है। सीडीओ पीसी जायसवाल ने इसका संज्ञान लेते हुए परियोजना निदेशक को निर्देश दिए कि खेकड़ा में काफी संख्या में कांशीराम आवास खाली पड़े हैं। जिला स्तरीय अधिकारियों से वार्ता कर सुझाव लें ताकि 100 से 250 परिवारों को आवास मिल सके और इनके बच्चे अच्छी पढ़ाई करके समाज की मुख्य धारा से जुड़ सकें। आवास से संबंधित सभी प्रक्रिया को पूरा कर इन सभी परिवार को आवास का लाभ मिल सके, इस संबंध में जल्द कार्रवाई की जाए।
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