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किसानों की अनदेखी कर रही है सरकार : सहेंद्र
Updated Tue, 06 Feb 2018 12:57 AM IST
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किसानों की अनदेखी कर रही है सरकार : सहेंद्र
बड़ौत। छपरौली विधायक सहेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार किसानों की अनदेखी कर रही है। किसानों के साथ जो भी वादे किए गए है, वे सिर्फ छलावा साबित हुए हैं।
सोमवार को बड़ौत स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से वार्ता में उन्होंने कहा कि हाल ही में लोकसभा में जो बजट पेश किया गया है, उसमें भी सरकार ने किसानों और मजदूरों की अनदेखी की गई। फसल का मूल्य डेढ़ गुना ज्यादा देने की बात करके किसानों के साथ छल किया गया है। जनपद में किसानों से नलकूप के विद्युत बिल अदायगी में भेदभाव की नीति का प्रयोग किया गया है। जनपद के किसानों से 5 हार्स पावर व 7.5 हार्स पावर के स्थान पर 10 और 12.5 हार्स पावर की विद्युत दर से बिल वसूला जा रहा है जबकि अन्य जनपदों में ऐसा नहीं किया गया। कर्ज माफी में भी किसानों के साथ ऐसा ही छलावा हुआ है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों के ऋण अदायगी में तीन प्रतिशत ब्याज दर के स्थान पर 12.5 प्रतिशत ब्याज राशि से बिना किसी पूर्व सूचना के ऋण वसूला गया। इससे किसानों पर दोहरी मार पड़ी है। किसानों को खाद, डीजल, बीज, कीटनाशकों आदि पर सब्सिडी में भी किसानों को किसी प्रकार की राहत नहीं दी जाती। गत दिनों छपरौली में यमुना पुल निर्माण को लेकर भी विधायक ने हरियाणा सरकार के मुख्यमंत्री व वित्त मंत्री को इस संबंध में पत्र लिखे हैं। मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री ने उन्हें पुल निर्माण को लेकर आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि आठ फरवरी से लखनऊ मेें विधानसभा सत्र आरंभ हो रहा है। इसके लिए उन्होने क्षेत्र से संबंधित सवालों के साथ विधानसभा में मुद्दे उठाने की तैयारी कर ली है। गन्ने के भुगतान को लेकर भी वे विधानसभा मे आर-पार कि लड़ाई लडने जा रहे है।
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बड़ौत। छपरौली विधायक सहेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार किसानों की अनदेखी कर रही है। किसानों के साथ जो भी वादे किए गए है, वे सिर्फ छलावा साबित हुए हैं।
सोमवार को बड़ौत स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से वार्ता में उन्होंने कहा कि हाल ही में लोकसभा में जो बजट पेश किया गया है, उसमें भी सरकार ने किसानों और मजदूरों की अनदेखी की गई। फसल का मूल्य डेढ़ गुना ज्यादा देने की बात करके किसानों के साथ छल किया गया है। जनपद में किसानों से नलकूप के विद्युत बिल अदायगी में भेदभाव की नीति का प्रयोग किया गया है। जनपद के किसानों से 5 हार्स पावर व 7.5 हार्स पावर के स्थान पर 10 और 12.5 हार्स पावर की विद्युत दर से बिल वसूला जा रहा है जबकि अन्य जनपदों में ऐसा नहीं किया गया। कर्ज माफी में भी किसानों के साथ ऐसा ही छलावा हुआ है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों के ऋण अदायगी में तीन प्रतिशत ब्याज दर के स्थान पर 12.5 प्रतिशत ब्याज राशि से बिना किसी पूर्व सूचना के ऋण वसूला गया। इससे किसानों पर दोहरी मार पड़ी है। किसानों को खाद, डीजल, बीज, कीटनाशकों आदि पर सब्सिडी में भी किसानों को किसी प्रकार की राहत नहीं दी जाती। गत दिनों छपरौली में यमुना पुल निर्माण को लेकर भी विधायक ने हरियाणा सरकार के मुख्यमंत्री व वित्त मंत्री को इस संबंध में पत्र लिखे हैं। मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री ने उन्हें पुल निर्माण को लेकर आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि आठ फरवरी से लखनऊ मेें विधानसभा सत्र आरंभ हो रहा है। इसके लिए उन्होने क्षेत्र से संबंधित सवालों के साथ विधानसभा में मुद्दे उठाने की तैयारी कर ली है। गन्ने के भुगतान को लेकर भी वे विधानसभा मे आर-पार कि लड़ाई लडने जा रहे है।
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