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ऑक्सीजन सिलेंडरों की नहीं कमी: सीएमओ
Updated Sun, 13 Aug 2017 01:40 AM IST
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बागपत। गोरखपुर में ऑक्सीजन की कमी के चलते 48 मौत के बाद जिले में भी स्वास्थ्य विभाग अलर्ट नजर आया। जिला चिकित्सालय से लेकर सीएचसी और पीएचसी पर ऑक्सीजन के सिलेंडर चेक कराए गए। सीएमओ डॉ. सुषमा चंद्रा का दावा है कि जनपद के सभी सरकारी अस्पतालों में सब कुछ ठीक है।
गोरखपुर प्रकरण की खबरें आम होते ही जिले का स्वास्थ्य विभाग चौकन्ना नजर आया। जिला चिकित्सालय में ऑक्सीजन के सिलेंडर ठीक पाए गए हैं। सीएमओ डॉ. सुषमा चंद्रा का कहना है कि ऑक्सीजन के सिलेंडर और सप्लाई की जिले में कोई कम नहीं है। नियमित भुगतान होने पर स्वास्थ्य विभाग सिलेंडर रिसीव करता है। एडवांस में भी रखे जाते हैं। प्रत्येक सरकारी अस्पताल में औसतन चार ऑक्सीजन के सिलेंडर हैं। इमरजेंसी जैसी कोई स्थिति नहीं है। सिलेंडर में करीब 13 लीटर ऑक्सीजन होती है। सीएमओ के कहाजिले भर के सरकारी अस्पतालों में अपने स्तर से चेकिंग कराई गई, लेकिन कहीं कोई दिक्कत नहीं मिली। उन्होंने कहा मेडिकल कॉलेज के प्लांट से ऑक्सीजन सप्लाई होती है, जबकि अस्पतालों में सिलेंडर के जरिए ऑक्सीजन सप्लाई की जाती है। इमरजेंसी की स्थिति से बचने के लिए एडवांस सिलेंडर रखे जाते हैं।
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गोरखपुर प्रकरण की खबरें आम होते ही जिले का स्वास्थ्य विभाग चौकन्ना नजर आया। जिला चिकित्सालय में ऑक्सीजन के सिलेंडर ठीक पाए गए हैं। सीएमओ डॉ. सुषमा चंद्रा का कहना है कि ऑक्सीजन के सिलेंडर और सप्लाई की जिले में कोई कम नहीं है। नियमित भुगतान होने पर स्वास्थ्य विभाग सिलेंडर रिसीव करता है। एडवांस में भी रखे जाते हैं। प्रत्येक सरकारी अस्पताल में औसतन चार ऑक्सीजन के सिलेंडर हैं। इमरजेंसी जैसी कोई स्थिति नहीं है। सिलेंडर में करीब 13 लीटर ऑक्सीजन होती है। सीएमओ के कहाजिले भर के सरकारी अस्पतालों में अपने स्तर से चेकिंग कराई गई, लेकिन कहीं कोई दिक्कत नहीं मिली। उन्होंने कहा मेडिकल कॉलेज के प्लांट से ऑक्सीजन सप्लाई होती है, जबकि अस्पतालों में सिलेंडर के जरिए ऑक्सीजन सप्लाई की जाती है। इमरजेंसी की स्थिति से बचने के लिए एडवांस सिलेंडर रखे जाते हैं।
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