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सॉफ्ट लोन के जरिए 10 फरवरी तक गन्ना भुगतान की तैयारी
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बागपत। निजी क्षेत्र की चीनी मिलों से सॉफ्ट लोन के जरिये किसानों का भुगतान दिलाने की तैयारी तेज कर दी। मलकपुर, शामली समेत प्रदेश की निजी क्षेत्र की बकाएदार मिलों से दस फरवरी तक भुगतान कराया जा सकता है। मलकपुर चीनी मिल पर पिछले पेराई सत्र के 210 करोड़ रुपये बकाया है। प्रदेश के किसानों के कुल 11 सौ करोड़ रुपये निजी क्षेत्र की मिलों पर बकाया है।
मलकपुर, शामली के अलावा निजी क्षेत्र की राणा और वेव ग्रुप की चीनी मिलों पर बकाया भुगतान का मुद्दा बार-बार उठता रहा है। शामली में किसान आंदोलन कर चुके हैं। पेराई सत्र 2017-18 के मलकपुर चीनी मिल पर करीब 210 करोड़ रुपये बकाया है। सॉफ्ट लोन की प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण मिल को लोन नहीं मिला, जिस कारण भुगतान लटका रहा। गन्ना आयुक्त ने चीनी मिल की आरसी जारी कर दी। इसके अलावा किसान की तहरीर पर मुकदमा भी दर्ज किया गया था। मलकपुर, शामली समेत अन्य चीनी मिलों को जल्द ही सॉफ्ट लोन मिलने की संभावना बढ़ गई है। प्रक्रिया को दोबारा शुरू कराकर इन मिलों को लोन दिलाया जा सकता है। ऐसी मिलें जिनकी फाइलें कंपलीट हैं, उन्हें सबसे पहले लोन दिया जा सकता है। दस फरवरी तक इस पर शासन स्तर से कोई फैसला लिया जाएगा।
पहले भी बढ़ाई गई थी लोन की तिथि
बागपत। सॉफ्ट लोन के लिए पहले 30 नवंबर की तिथि तय की। इसके बाद इसे बढ़ाकर दस दिसंबर कर दिया। मलकपुर मिल फाइल कंपलीट नहीं कर सकी, जिस कारण भुगतान नहीं मिला। दोबारा से लोन की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी है।
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जल्द मिलेगा किसानों को भुगतान
बागपत। प्रदेश के गनंना राज्यमंत्री सुरेश राणा का कहना है कि 10 फरवरी तक भुगतान कराए जाने की तैयारी है। सीएम योगी आदित्यनाथ से मिलकर उन्होंने पूरा प्रकरण रखा था। सीएम ने जल्द से जल्द भुगतान के लिए रास्ता निकालने के निर्देश दिए हैं।
अब तक ढाई सौ करोड़ का भुगतान
बागपत। मलकपुर चीनी मिल पर 460 करोड़ रुपये बकाया थे। चीनी मिल ने अब तक 250 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया है, 210 करोड़ रुपये बकाया है। 51 करोड़ रुपये का ब्याज भी जोड़े तो कुल बकाया भुगतान 261 करोड़ है।
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मलकपुर, शामली के अलावा निजी क्षेत्र की राणा और वेव ग्रुप की चीनी मिलों पर बकाया भुगतान का मुद्दा बार-बार उठता रहा है। शामली में किसान आंदोलन कर चुके हैं। पेराई सत्र 2017-18 के मलकपुर चीनी मिल पर करीब 210 करोड़ रुपये बकाया है। सॉफ्ट लोन की प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण मिल को लोन नहीं मिला, जिस कारण भुगतान लटका रहा। गन्ना आयुक्त ने चीनी मिल की आरसी जारी कर दी। इसके अलावा किसान की तहरीर पर मुकदमा भी दर्ज किया गया था। मलकपुर, शामली समेत अन्य चीनी मिलों को जल्द ही सॉफ्ट लोन मिलने की संभावना बढ़ गई है। प्रक्रिया को दोबारा शुरू कराकर इन मिलों को लोन दिलाया जा सकता है। ऐसी मिलें जिनकी फाइलें कंपलीट हैं, उन्हें सबसे पहले लोन दिया जा सकता है। दस फरवरी तक इस पर शासन स्तर से कोई फैसला लिया जाएगा।
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पहले भी बढ़ाई गई थी लोन की तिथि
बागपत। सॉफ्ट लोन के लिए पहले 30 नवंबर की तिथि तय की। इसके बाद इसे बढ़ाकर दस दिसंबर कर दिया। मलकपुर मिल फाइल कंपलीट नहीं कर सकी, जिस कारण भुगतान नहीं मिला। दोबारा से लोन की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी है।
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जल्द मिलेगा किसानों को भुगतान
बागपत। प्रदेश के गनंना राज्यमंत्री सुरेश राणा का कहना है कि 10 फरवरी तक भुगतान कराए जाने की तैयारी है। सीएम योगी आदित्यनाथ से मिलकर उन्होंने पूरा प्रकरण रखा था। सीएम ने जल्द से जल्द भुगतान के लिए रास्ता निकालने के निर्देश दिए हैं।
अब तक ढाई सौ करोड़ का भुगतान
बागपत। मलकपुर चीनी मिल पर 460 करोड़ रुपये बकाया थे। चीनी मिल ने अब तक 250 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया है, 210 करोड़ रुपये बकाया है। 51 करोड़ रुपये का ब्याज भी जोड़े तो कुल बकाया भुगतान 261 करोड़ है।