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पर्यावरण शुद्धि के लिए यज्ञ ही सर्वोपरि : पंड़ित नरेशदत
Updated Sun, 09 Dec 2018 01:12 AM IST
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अग्रवाल मंडी टटीरी (बागपत)। आर्य समाज ने अहैड़ा गांव में वार्षिकोत्सव मनाया । प्रथम दिन सत्यार्थी ने यज्ञ कराया। बिजनौर से आए प्रसिद्ध भजनोपदेश पं. नरेश दत्त ने यज्ञ की व्याख्या की। उन्होंने बताया कि रोटी, कपड़ा और मकान की बात आज के नेता और सरकार करती है लेकिन व्यक्ति बिना कपड़े के भी जीवित रह सकता हैं, बिना मकान के भी जिंदा रह सकते हैं बिना रोटी के फल कंद दूध आदि का आहार करके भी जिंदा रह सकते हैं, लेकिन जो सांस प्रत्येक व्यक्ति हर क्षण लेता है, उसके बिना मनुष्य जीवित नहीं रह सकता। आज वातावरण दूषित हो रहा है, दूषित वातावरण को शुद्ध करने का एकमात्र साधन यज्ञ है।
दोपहर को आर्य महाविद्यालय चित्तौड़ा झाल मुजफ्फरनगर से आए आचार्य संजीव ने युवकों को आर्य पथ पर चलकर अपने जीवन को उन्नत बनाते हुए इस राष्ट्र को पुन: विश्व गुरु बनाने का संकल्प दिलाया। डॉ. ओमवीर सिंह ने की संचालन मास्टर बृजेश और प्रधानाचार्य राज कुमार ने किया। इसमें मंगल सेन, महेश, बले सिंह, कमल, डॉ. विक्रम सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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दोपहर को आर्य महाविद्यालय चित्तौड़ा झाल मुजफ्फरनगर से आए आचार्य संजीव ने युवकों को आर्य पथ पर चलकर अपने जीवन को उन्नत बनाते हुए इस राष्ट्र को पुन: विश्व गुरु बनाने का संकल्प दिलाया। डॉ. ओमवीर सिंह ने की संचालन मास्टर बृजेश और प्रधानाचार्य राज कुमार ने किया। इसमें मंगल सेन, महेश, बले सिंह, कमल, डॉ. विक्रम सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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