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सामूहिक यज्ञ में दीं आहुतियां
Updated Mon, 19 Nov 2018 01:27 AM IST
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बड़ौत। आर्य समाज के तत्वावधान में रेलवे रोड़ स्थित आर्य समाज भवन में सामूहिक यज्ञ का आयोजन किया गया। इसमें काफी संख्या में आर्यजनों ने यज्ञ में आहुतियां डालीं।
आचार्य समर भानु ने कहा कि प्रार्थना समझने और जानने की चीज है। वह आत्मा की शक्तियों को जगाने का एक माध्यम है। अंतिम सत्य तो केवल यही है कि ईश्वर की स्थिति हमारे अंदर हो। उन्होंने कहा कि प्रार्थना एक उच्च साधन की क्रिया है। इसके साथ ही इसका मनोवैज्ञानिक महत्व भी है। मानसिक तनावों को शांत करने के लिए ध्यान की प्रक्रिया जरूरी होती है। उसी तरह नित्य भाव से प्रार्थना करने से कई तरह के मानसिक दुखों से निजात मिलती है। यज्ञ के ब्रह्म आचार्य समरभानु और अंग्रिस मुनि, यजमान रामबली राणा रहे। इस अवसर पर डॉ. ओमवीर सिंह, सतपाल पथोलिया, डॉ. लहरपाल सिंह, राधेश्याम, जयप्रकाश, कृष्णपाल, अरूणा आर्या, सुरेंद्रपाल, सुखपाल, उपेंद्र आर्य आदि उपस्थित रहे।
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आचार्य समर भानु ने कहा कि प्रार्थना समझने और जानने की चीज है। वह आत्मा की शक्तियों को जगाने का एक माध्यम है। अंतिम सत्य तो केवल यही है कि ईश्वर की स्थिति हमारे अंदर हो। उन्होंने कहा कि प्रार्थना एक उच्च साधन की क्रिया है। इसके साथ ही इसका मनोवैज्ञानिक महत्व भी है। मानसिक तनावों को शांत करने के लिए ध्यान की प्रक्रिया जरूरी होती है। उसी तरह नित्य भाव से प्रार्थना करने से कई तरह के मानसिक दुखों से निजात मिलती है। यज्ञ के ब्रह्म आचार्य समरभानु और अंग्रिस मुनि, यजमान रामबली राणा रहे। इस अवसर पर डॉ. ओमवीर सिंह, सतपाल पथोलिया, डॉ. लहरपाल सिंह, राधेश्याम, जयप्रकाश, कृष्णपाल, अरूणा आर्या, सुरेंद्रपाल, सुखपाल, उपेंद्र आर्य आदि उपस्थित रहे।
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