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हाईकोर्ट ने राशन नहीं देने पर नाराजगी जताई
Updated Sun, 13 May 2018 12:44 AM IST
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बागपत। उपभोक्ताओं को राशन नहीं देने पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जाहिर की है। नई कार्ड बनते तक पुराने पर ही राशन देने का आदेश जिला आपूर्ति अधिकारी को दिया है। 30 दिन में समय निर्धारित किया। टटीरी की चार महिलाओं ने वाद दायर किया।
नए राशन कार्ड न होने के कारण उपभोक्ताओं को कोटेदारों द्वारा राशन नहीं दिया जा रहा है। इससे उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है। विभागीय अधिकारियों द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। टटीरी की महिला भावना तिवारी, मेनका, नेहा, विद्या देवी को भी पिछले एक वर्ष से कोटेदारों द्वारा राशन नहीं दिया जा रहा है। जबकि उन्होंने अपने ऑनलाइन राशन कार्ड बनवाने के लिए आवेदन किया, लेकिन उन्हें निरस्त कर दिया। पुराने कार्ड पर कोटा नहीं दिया। महिलाओं ने इस प्रणालि से परेशान होकर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। सरकार के खिलाफ वाद दायर किया। उन्होंने बताया कि उनके वकील अखिलेश चंद शुक्ल ने ठोस पैरवी की। इसके बाद न्यायमूर्ति गोविंद माथुर और जयंत बनर्जी की खंडपीठ ने आदेश जारी किया कि पुराने राशन कार्ड पर राशन देने से मना नहीं किया जा सकता है। आवेदन के बाद कार्ड न बनना बढ़ी त्रुटि है। जिला आपूर्ति अधिकारी को निर्देशित किया यदि नया राशन कार्ड नहीं बना तो पुराने पर ही राशन दिया जाएगा। 30 दिन इसका पालन करेंगे।
प्रदेश में लागू होगा हाईकोर्ट का आदेश
अधिवक्ता एडवोकेट पवन तिवारी ने बताया कि हाईकोर्ट ने यह भी आदेश जारी किया है कि उपभोक्ताओं को राशन कार्ड के कैंसल होने से पहले बताना होगा। इसका कारण बताना होगा। बताया कि हाईकोर्ट का आदेश पूरे प्रदेश में लागू होगा। यह किसी एक व्यक्ति के हित से संबंधित नहीं होगा।
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नए राशन कार्ड न होने के कारण उपभोक्ताओं को कोटेदारों द्वारा राशन नहीं दिया जा रहा है। इससे उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है। विभागीय अधिकारियों द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। टटीरी की महिला भावना तिवारी, मेनका, नेहा, विद्या देवी को भी पिछले एक वर्ष से कोटेदारों द्वारा राशन नहीं दिया जा रहा है। जबकि उन्होंने अपने ऑनलाइन राशन कार्ड बनवाने के लिए आवेदन किया, लेकिन उन्हें निरस्त कर दिया। पुराने कार्ड पर कोटा नहीं दिया। महिलाओं ने इस प्रणालि से परेशान होकर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। सरकार के खिलाफ वाद दायर किया। उन्होंने बताया कि उनके वकील अखिलेश चंद शुक्ल ने ठोस पैरवी की। इसके बाद न्यायमूर्ति गोविंद माथुर और जयंत बनर्जी की खंडपीठ ने आदेश जारी किया कि पुराने राशन कार्ड पर राशन देने से मना नहीं किया जा सकता है। आवेदन के बाद कार्ड न बनना बढ़ी त्रुटि है। जिला आपूर्ति अधिकारी को निर्देशित किया यदि नया राशन कार्ड नहीं बना तो पुराने पर ही राशन दिया जाएगा। 30 दिन इसका पालन करेंगे।
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प्रदेश में लागू होगा हाईकोर्ट का आदेश
अधिवक्ता एडवोकेट पवन तिवारी ने बताया कि हाईकोर्ट ने यह भी आदेश जारी किया है कि उपभोक्ताओं को राशन कार्ड के कैंसल होने से पहले बताना होगा। इसका कारण बताना होगा। बताया कि हाईकोर्ट का आदेश पूरे प्रदेश में लागू होगा। यह किसी एक व्यक्ति के हित से संबंधित नहीं होगा।
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