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प्राइवेट बसों के संचालकों का विरोध शुरू
Updated Thu, 15 Mar 2018 01:16 AM IST
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छपरौली (बागपत)।
क्षेत्र में चलने वाली मेरठ - टांडा मार्ग पर चलने वाली प्राइवेट बस के कुछ चालक और परिचालकों की मनमानी के कारण यात्रियों के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यात्रियों ने कहा दिन के समय तो मार्ग की बसें मेरठ से टांडा के लिए चलते हैं, लेकिन शाम होते ही टांडा से आठ किमी पहले की बस से यात्रियों को जबरन उतार दिया जाता है। क्षेत्रीय लोगों ने मार्ग के प्राइवेट बसों के संचालकों के खिलाफ विरोध शुरू कर दिया है।
क्षेत्रीय लोगों ने बताया कि मेरठ - टांडा मार्ग पर पहले जब प्राइवेट बसें नहीं चलती थी तब उन्हें उम्मीद थी कि ये बसें सड़क पर आएंगी तो लोगों की परेशानी दूर होगी और यात्रियों को मार्ग के निर्धारित स्टाफ तक पहुंचाएगी । उनकी उम्मीद धूमिल होती नजर आ रही है, क्योंकि शाम के जैसे ही अंधेरा होता है तो ये बसें सड़क से नदारद हो जाती है। मंगलवार को शाम करीब सात बजे अरविंद, विकास, यामीन, जयपाल, योगेंद्र, हरबीर, योगेश आदि यात्रियों को बस चालक ने छपरौली में ही बस रोककर जबरन नीचे उतार दिया। अंधेरा होने पर ये यात्री पैदल टांडा या अन्य स्थान पर कैसे जाएंगे, किसी को कोई वास्ता नहीं अगर पैदल जाते समय इनके साथ कोई जान माल की हानि होती है तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा, जिला प्रशासन या पुलिस प्रशासन या फिर प्राइवेट बस यूनियन इसका जवाब देने को कोई तैयार नहीं है। इस बारे में एआरटीओ बागपत ने बताया शाम के समय निर्धारित रूठ से पहले बस रोक कर जबरन यात्रियों को उतारना गंभीर मामला है। उन्होंने कहा यूनियन के पदाधिकारियों को नोटिस भेजकर शिकायत दूर करने का एक अवसर दिया जाएगा, यदि सुधार नहीं किया जाता तो कानूनी कार्रवाई होगी।
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क्षेत्र में चलने वाली मेरठ - टांडा मार्ग पर चलने वाली प्राइवेट बस के कुछ चालक और परिचालकों की मनमानी के कारण यात्रियों के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यात्रियों ने कहा दिन के समय तो मार्ग की बसें मेरठ से टांडा के लिए चलते हैं, लेकिन शाम होते ही टांडा से आठ किमी पहले की बस से यात्रियों को जबरन उतार दिया जाता है। क्षेत्रीय लोगों ने मार्ग के प्राइवेट बसों के संचालकों के खिलाफ विरोध शुरू कर दिया है।
क्षेत्रीय लोगों ने बताया कि मेरठ - टांडा मार्ग पर पहले जब प्राइवेट बसें नहीं चलती थी तब उन्हें उम्मीद थी कि ये बसें सड़क पर आएंगी तो लोगों की परेशानी दूर होगी और यात्रियों को मार्ग के निर्धारित स्टाफ तक पहुंचाएगी । उनकी उम्मीद धूमिल होती नजर आ रही है, क्योंकि शाम के जैसे ही अंधेरा होता है तो ये बसें सड़क से नदारद हो जाती है। मंगलवार को शाम करीब सात बजे अरविंद, विकास, यामीन, जयपाल, योगेंद्र, हरबीर, योगेश आदि यात्रियों को बस चालक ने छपरौली में ही बस रोककर जबरन नीचे उतार दिया। अंधेरा होने पर ये यात्री पैदल टांडा या अन्य स्थान पर कैसे जाएंगे, किसी को कोई वास्ता नहीं अगर पैदल जाते समय इनके साथ कोई जान माल की हानि होती है तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा, जिला प्रशासन या पुलिस प्रशासन या फिर प्राइवेट बस यूनियन इसका जवाब देने को कोई तैयार नहीं है। इस बारे में एआरटीओ बागपत ने बताया शाम के समय निर्धारित रूठ से पहले बस रोक कर जबरन यात्रियों को उतारना गंभीर मामला है। उन्होंने कहा यूनियन के पदाधिकारियों को नोटिस भेजकर शिकायत दूर करने का एक अवसर दिया जाएगा, यदि सुधार नहीं किया जाता तो कानूनी कार्रवाई होगी।
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