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कलक्ट्रेट में गूंजा छपरौली का अवैध खनन, डीएम से मिले दलित
Updated Tue, 04 Dec 2018 01:20 AM IST
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बागपत। छपरौली क्षेत्र में अवैध खनन की शिकायत लेकर दलित समाज के लोग डीएम ऋषिरेंद्र कुमार से मिलने पहुंचे। दलित समाज के लोगों ने डीएम को अवगत कराया उनके खेतों में अवैध खनन किया जा रहा है। विरोध करने पर खनन कर रहे लोग उनके साथ मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। थाना पुलिस से भी शिकायत कर चुके हैं, लेकिन थाने में कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने डीएम से हस्तक्षेप कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
सोमवार को छपरौली कस्बे के दर्जनों दलित समाज की महिला और पुरुष कलक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने डीएम को शिकायती पत्र सौंपकर बताया कि यमुना खादर में उनके खेत हैं, जहां पर कुछ लोग जबरन अवैध रूप से रेत का खनन कर रहे हैं। जब भी इसका विरोध किया तो उनके साथ अभद्रता कर मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। अवैध खनन होने से उनकी फसल बर्बाद हो रही है। साथ ही आर्थिक नुकसान भी हो रहा है। खनन से उनके खेत बर्बाद हो जाएंगे, जिस कारण फसल की बुआई नहीं हो करेगी। ग्रामीणों ने डीएम से मामले की जांच कर खेत में किए जा रहे अवैध रेत के खनन को बंद करवाने की मांग की है। इसमें सुनीता, शांति, बोती, चांदो, हेतराम, मुकेश, श्याम सिंह, मीना, बाला, अश्वनी, बिंदर आदि रहे।
खनन ने बर्बाद कर दिए खेत और रास्ते
बागपत। किसानों का कहना था कि अवैध खनन ने उनके खेतों और रास्तों को बर्बाद कर दिया है। रास्ते खराब हो जाने से किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।
यमुना खादर में हंगामा कर चुके किसान
बागपत। दो दिन पहले ही खनन को लेकर हंगामा हो चुका है। यहां पर किसान खनन के वाहनों को रोककर खड़े हो गए थे और सड़क को जाम कर दिया। इसके अलावा रेत का ओवरलोड वाहन एक घर में घुस गया, इसमें परिवार के सदस्य घायल हो गए थे।
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सोमवार को छपरौली कस्बे के दर्जनों दलित समाज की महिला और पुरुष कलक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने डीएम को शिकायती पत्र सौंपकर बताया कि यमुना खादर में उनके खेत हैं, जहां पर कुछ लोग जबरन अवैध रूप से रेत का खनन कर रहे हैं। जब भी इसका विरोध किया तो उनके साथ अभद्रता कर मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। अवैध खनन होने से उनकी फसल बर्बाद हो रही है। साथ ही आर्थिक नुकसान भी हो रहा है। खनन से उनके खेत बर्बाद हो जाएंगे, जिस कारण फसल की बुआई नहीं हो करेगी। ग्रामीणों ने डीएम से मामले की जांच कर खेत में किए जा रहे अवैध रेत के खनन को बंद करवाने की मांग की है। इसमें सुनीता, शांति, बोती, चांदो, हेतराम, मुकेश, श्याम सिंह, मीना, बाला, अश्वनी, बिंदर आदि रहे।
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खनन ने बर्बाद कर दिए खेत और रास्ते
बागपत। किसानों का कहना था कि अवैध खनन ने उनके खेतों और रास्तों को बर्बाद कर दिया है। रास्ते खराब हो जाने से किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।
यमुना खादर में हंगामा कर चुके किसान
बागपत। दो दिन पहले ही खनन को लेकर हंगामा हो चुका है। यहां पर किसान खनन के वाहनों को रोककर खड़े हो गए थे और सड़क को जाम कर दिया। इसके अलावा रेत का ओवरलोड वाहन एक घर में घुस गया, इसमें परिवार के सदस्य घायल हो गए थे।
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