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प्रधान के घर में मिले मनरेगा मजदूरों के 32 जॉब कार्ड
Updated Wed, 30 May 2018 01:12 AM IST
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बागपत। सूजरा गांव में सोशल ऑडिट की टीम को काफी कमियां मिलीं। प्रधान के घर में 32 मजदूरों के जॉब कार्ड रखे मिले। विकास कार्यों के अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए गए। टीम ने अपनी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को दे दी।
मनरेगा और प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत गांवों में होने वाले विकास कार्यों के अभिलेखों को सोशल ऑडिट टीम को नहीं दिया जाता। मनरेगा के अंतर्गत मजदूरों को रोजगार मुहैया नहीं कराया जाता है। उनके जॉब कार्ड भी ग्राम प्रधान अपने पास रख लेते हैं। ऐसा ही हाल सोशल ऑडिट टीम को सूजरा गांव में मिला। सोशल ऑडिट टीम ने गांव में पहुंचते ही ग्राम सचिव और ग्राम प्रधान से विकास कार्यों के अभिलेख मांगे, जो उन्हें नहीं दिए । जांच में पता चला कि गांव में रोजगार दिवस प्रत्येक माह आयोजित नहीं किया जाता है। टीम ने बीडीओ को अवगत कराया कि गांव में प्रधान के आवास पर मजदूरों के 32 जॉब कार्ड मिले हैं। सोशल ऑडिट टीम ने अपनी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंप दी है। दूसरी तरफ डीडीओ हुब लाल ने कहा कि अभी रिपोर्ट का अवलोकन नहीं किया है। जांच करने के बाद ही संबंधित गांव प्रधान के खिलाफ कार्रवाई हो सकेगी।
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मनरेगा और प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत गांवों में होने वाले विकास कार्यों के अभिलेखों को सोशल ऑडिट टीम को नहीं दिया जाता। मनरेगा के अंतर्गत मजदूरों को रोजगार मुहैया नहीं कराया जाता है। उनके जॉब कार्ड भी ग्राम प्रधान अपने पास रख लेते हैं। ऐसा ही हाल सोशल ऑडिट टीम को सूजरा गांव में मिला। सोशल ऑडिट टीम ने गांव में पहुंचते ही ग्राम सचिव और ग्राम प्रधान से विकास कार्यों के अभिलेख मांगे, जो उन्हें नहीं दिए । जांच में पता चला कि गांव में रोजगार दिवस प्रत्येक माह आयोजित नहीं किया जाता है। टीम ने बीडीओ को अवगत कराया कि गांव में प्रधान के आवास पर मजदूरों के 32 जॉब कार्ड मिले हैं। सोशल ऑडिट टीम ने अपनी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंप दी है। दूसरी तरफ डीडीओ हुब लाल ने कहा कि अभी रिपोर्ट का अवलोकन नहीं किया है। जांच करने के बाद ही संबंधित गांव प्रधान के खिलाफ कार्रवाई हो सकेगी।
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