{"_id":"5afb3a124f1c1be5408b596a","slug":"161526413842-baghpat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिजली व्यवस्था ध्वस्त, ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिजली व्यवस्था ध्वस्त, ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
Updated Wed, 16 May 2018 01:20 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बड़ौत (बागपत)।
क्षेत्र में ध्वस्त बिजली व्यवस्था से आक्रोशित कई गांवों के ग्रामीणों ने मंगलवार को एक्सईएन प्रथम कार्यालय में प्रदर्शन किया। इस दौरान आंदोलनकारी ग्रामीणों की कर्मचारियों से नोकझोंक भी हुई। हालांकि अधिशासी अभियंता के न मिलने पर ग्रामीण आंदोलन की चेतावनी देकर लौट गए।
मलकपुर, बड़ौली, किरठल, छपरौली और ढ़िकाना गांव के ग्रामीणों ने मंगलवार को एक्सईएन प्रथम कार्यालय में प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि गांव में गत दो-तीन दिन से विद्युत व्यवस्था ठप पड़ी हुई है। बिजली न होने से न तो पशुओं का चारा काट पा रहे हैं और न ही पेयजल की व्यवस्था हो पा रही है। टीवी, फ्रिज आदि इलेक्ट्रानिक उपकरण शोपीस बन गए हैं, लेकिन शिकायतों के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इस दौरान ग्रामीणों की कर्मचारियों से नोकझोंक भी हुई। बाद मेें ग्रामीण आंदोलन की चेतावनी देकर लौट गए। एसडीओ रितेशवर बंधु का कहना था कि जिस गांवों में विद्युत लाइन व पोल टूटे हैं, उनको ठीक करा दिया है। साथ ही टीम को निर्देशित किया कि सूचना मिलने पर तत्काल प्रभाव से मौके पर पहुंचकर सप्लाई सुचारू कराएं। प्रदर्शन में अमरपाल, संजीव, नवीन, सहदेव, पंकज, आदित्य, कल्लू, जयवीर, प्रमोद, नीरज, सत्यवीर शामिल रहे।
विज्ञापन
क्षेत्र में ध्वस्त बिजली व्यवस्था से आक्रोशित कई गांवों के ग्रामीणों ने मंगलवार को एक्सईएन प्रथम कार्यालय में प्रदर्शन किया। इस दौरान आंदोलनकारी ग्रामीणों की कर्मचारियों से नोकझोंक भी हुई। हालांकि अधिशासी अभियंता के न मिलने पर ग्रामीण आंदोलन की चेतावनी देकर लौट गए।
मलकपुर, बड़ौली, किरठल, छपरौली और ढ़िकाना गांव के ग्रामीणों ने मंगलवार को एक्सईएन प्रथम कार्यालय में प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि गांव में गत दो-तीन दिन से विद्युत व्यवस्था ठप पड़ी हुई है। बिजली न होने से न तो पशुओं का चारा काट पा रहे हैं और न ही पेयजल की व्यवस्था हो पा रही है। टीवी, फ्रिज आदि इलेक्ट्रानिक उपकरण शोपीस बन गए हैं, लेकिन शिकायतों के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इस दौरान ग्रामीणों की कर्मचारियों से नोकझोंक भी हुई। बाद मेें ग्रामीण आंदोलन की चेतावनी देकर लौट गए। एसडीओ रितेशवर बंधु का कहना था कि जिस गांवों में विद्युत लाइन व पोल टूटे हैं, उनको ठीक करा दिया है। साथ ही टीम को निर्देशित किया कि सूचना मिलने पर तत्काल प्रभाव से मौके पर पहुंचकर सप्लाई सुचारू कराएं। प्रदर्शन में अमरपाल, संजीव, नवीन, सहदेव, पंकज, आदित्य, कल्लू, जयवीर, प्रमोद, नीरज, सत्यवीर शामिल रहे।
विज्ञापन