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बागपत में दिखेगी इंडिया गेट और अमर जवान ज्योति की झलक
Updated Thu, 22 Mar 2018 12:48 AM IST
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बागपत। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे से गुजरने वाले वाहन चालकों को भारतीय संस्कृति और एतिहासिक स्थलों की झलक भी देखने को मिलेगी। बागपत के मवी कलां में इंडिया गेट और अमर जवान ज्योति का प्रतिकृति (रेपलिका) बनाए गए हैं। एक्सप्रेस-वे के करीब 135 किमी के टुकड़े पर जगह-जगह अन्य एतिहासिक स्थलों के ऐसे ही स्टैच्यू तैयार किए जाएंगे।
दिल्ली में वाहनों का बोझ कम करने के लिए ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे और वेस्टर्न पेरिफेरल को जोड़कर रिंग रोड बनाया जाएगा। इसका निर्माण कार्य तेज कर दिया गया है। ईपीई में कई खास बातें हैं। वाहन चालकों को दिल्ली में प्रवेश करने की जरूरत नहीं रहेगी। इसके अलावा इस पर कई जगह एतिहासिक स्थलों के प्रतिकृति (रेपलिका) बनाए गए हैं। मवी कलां गांव में मिलने वाले कट पर इंडिया गेट और अमर जवान ज्योति का प्रतिकृति बनकर तैयार हैं। एक्सप्रेस-वे से गुजरने वाले लोगों को ऐतिहासिक स्थलों का नजारा दिखाने और आकर्षण के लिए एनएचएआई ने इस तरह की रेपलिका एक्सप्रेस-वे पर कई जगह तैयार कराए हैं। इनमें बौद्ध स्तूप के अलावा उड़ीसा के कोणार्क का सूर्य मंदिर भी दिखाया गया है।
एक्सप्रेस-वे पर नजर आएगी कुतुब मीनार
ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर अशोक स्तंभ, कुतुब मीनार, इंडिया गेट, कोणार्क मंदिर बनाए गए हैं। एतिहासिक स्मारकों की रेपलिका बनाकर इसे सजाया जा रहा है।
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फ्लाईओवर पर बनेंगे भित्ती चित्र
एक्सप्रेस-वे के ओवरब्रिज और अन्य दीवारों पर एतिहासिक भित्ती चित्र और पेंटिंग भी बनेंगी। इसमें विभिन्न कलाओं का दर्शाया जाएगा।
फूलों के साथ रोशनी सी होगा जगमग
एक्सप्रेस-वे पर विभिन्न प्रकार के फूलों से सजावट की जाएगी। इसका काम शुरू हो गया है। इसके अलावा रोशनी के लिए सोलर लाइट का इंतजाम रहेगा। चार अंडर पास की व्यवस्था है।
बागपत के इन गांवों से गुजरता है एक्सप्रेस-वे
ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे का बागपत में करीब 20.125 किमी का टुकड़ा है। बागपत के गांव काठा, मवी कलां, खेकड़ा, रावण उर्फ बड़ा गांव, नंगला बहेड़ी, लहचौड़ा, गौना, सिंगौली तगा, शरफाबाद, आलम गिरपुर उर्फ टुकाली एवं फुलैरा गांव से होकर एक्सप्रेस-वे गुजरेगा।
टोल देकर ही होगी एक्सप्रेस-वे पर एंट्री
बागपत। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर टोल की ऐसी व्यवस्था रहेगी कि बगैर टोल दिए वाहन चालक इस पर ड्राइव ही नहीं कर सकेंगे। गाजियाबाद और सोनीपत में टोल लिया जाएगा। इसके अलावा प्रत्येक एंट्री प्वाइंट पर मिनी टोल प्लाजा होंगे, जहां पर तीन लेन की व्यवस्था होगी। यानि जिस जगह से भी एक्सप्रेस-वे पर एंट्री होगी, उसी जगह जेब ढीली करनी होगी।
अप्रैल के पहले सप्ताह में शुरू कराने की कवायद
बागपत। बागपत से सोनीपत के बीच एक्सप्रेस-वे का अधिकतर निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। टोल प्लाजा का निर्माण अधूरा है, इसके अलावा सजावट का कार्य भी किया जा रहा है।
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दिल्ली में वाहनों का बोझ कम करने के लिए ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे और वेस्टर्न पेरिफेरल को जोड़कर रिंग रोड बनाया जाएगा। इसका निर्माण कार्य तेज कर दिया गया है। ईपीई में कई खास बातें हैं। वाहन चालकों को दिल्ली में प्रवेश करने की जरूरत नहीं रहेगी। इसके अलावा इस पर कई जगह एतिहासिक स्थलों के प्रतिकृति (रेपलिका) बनाए गए हैं। मवी कलां गांव में मिलने वाले कट पर इंडिया गेट और अमर जवान ज्योति का प्रतिकृति बनकर तैयार हैं। एक्सप्रेस-वे से गुजरने वाले लोगों को ऐतिहासिक स्थलों का नजारा दिखाने और आकर्षण के लिए एनएचएआई ने इस तरह की रेपलिका एक्सप्रेस-वे पर कई जगह तैयार कराए हैं। इनमें बौद्ध स्तूप के अलावा उड़ीसा के कोणार्क का सूर्य मंदिर भी दिखाया गया है।
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एक्सप्रेस-वे पर नजर आएगी कुतुब मीनार
ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर अशोक स्तंभ, कुतुब मीनार, इंडिया गेट, कोणार्क मंदिर बनाए गए हैं। एतिहासिक स्मारकों की रेपलिका बनाकर इसे सजाया जा रहा है।
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फ्लाईओवर पर बनेंगे भित्ती चित्र
एक्सप्रेस-वे के ओवरब्रिज और अन्य दीवारों पर एतिहासिक भित्ती चित्र और पेंटिंग भी बनेंगी। इसमें विभिन्न कलाओं का दर्शाया जाएगा।
फूलों के साथ रोशनी सी होगा जगमग
एक्सप्रेस-वे पर विभिन्न प्रकार के फूलों से सजावट की जाएगी। इसका काम शुरू हो गया है। इसके अलावा रोशनी के लिए सोलर लाइट का इंतजाम रहेगा। चार अंडर पास की व्यवस्था है।
बागपत के इन गांवों से गुजरता है एक्सप्रेस-वे
ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे का बागपत में करीब 20.125 किमी का टुकड़ा है। बागपत के गांव काठा, मवी कलां, खेकड़ा, रावण उर्फ बड़ा गांव, नंगला बहेड़ी, लहचौड़ा, गौना, सिंगौली तगा, शरफाबाद, आलम गिरपुर उर्फ टुकाली एवं फुलैरा गांव से होकर एक्सप्रेस-वे गुजरेगा।
टोल देकर ही होगी एक्सप्रेस-वे पर एंट्री
बागपत। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर टोल की ऐसी व्यवस्था रहेगी कि बगैर टोल दिए वाहन चालक इस पर ड्राइव ही नहीं कर सकेंगे। गाजियाबाद और सोनीपत में टोल लिया जाएगा। इसके अलावा प्रत्येक एंट्री प्वाइंट पर मिनी टोल प्लाजा होंगे, जहां पर तीन लेन की व्यवस्था होगी। यानि जिस जगह से भी एक्सप्रेस-वे पर एंट्री होगी, उसी जगह जेब ढीली करनी होगी।
अप्रैल के पहले सप्ताह में शुरू कराने की कवायद
बागपत। बागपत से सोनीपत के बीच एक्सप्रेस-वे का अधिकतर निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। टोल प्लाजा का निर्माण अधूरा है, इसके अलावा सजावट का कार्य भी किया जा रहा है।