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ट्रेनों में डिब्बों की संख्या कम होने से बढ़ी यात्रियों की मुसीबत
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बड़ौत (बागपत)। दिल्ली-सहारनपुर रेल मार्ग पर चलने वाली ट्रेनों में पिछले कई माह से आधा दर्जन ट्रेनों में डिब्बों की संख्या कम होने से यात्रियों की मुसीबत बढ़ गयी है। आलम यह है कि यात्रियों को अपनी जान दांव पर लगाकर खिड़की पर लटककर सफर करना पड़ रहा है, लेकिन सब कुछ जानते हुए भी रेलवे प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। इससे यात्रियों मेें आक्रोश पनपता जा रहा है और वे आंदोलन शुरू करने का मन बना रहे है।
बता दे कि दिल्ली-सहारनपुर रेलवे मार्ग पर जनता एक्सप्रेस व हरिद्वार एक्सप्रेस सहित 24 ट्रेन संचालित हैं। इन ट्रेनों में प्रतिदिन बड़ौत, जौहड़ी, दोघट, मलकपुर, बावली, रूस्तमपुर, वाजिदपुर, बिजरौल, बामनौली, पुसार, रंछाड़, बिनौली, बरनावा सहित तहसील क्षेत्र के सैकड़ों गांव के हजारों यात्री सफर करते हैं, लेकिन पिछले दो माह से हजारों यात्री मौत के मुंह मेें खिड़की पर लटककर सफर कर रहे हैं, कारण पिछले दो माह से ट्रेन नंबर 51910, 51911, 51912, 51913, 51905 सहित आधा दर्जन ट्रेनों में डिब्बों की संख्या कम है। नतीजन यात्रियों को खिड़कियों पर लटककर जान दांव पर लगाकर सफर करना पड़ रहा है। यात्रियों में वरुण, बबली, शेखर, सागर, शिवम, पुष्पेंद्र, सोनू, अरूण, दिनेश का कहना है कि ट्रेनों मेें डिब्बों की संख्या कम होने से बैठना तो दूर खड़ा होकर सफर करना भी मुश्किल हो रहा है, लेकिन बार-बार शिकायत किये जाने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इससे यात्रियों में आक्रोश पनपता जा रहा है। उधर स्टेशन मास्टर ओमवीर का कहना था कि यात्रियों को अधिक से अधिक सुविधाएं मिले, इसके लिए हम हमेशा तैयार रहते हैं, कई ट्रेनों मेें डिब्बों की संख्या कम चल रही है, इसकी जानकारी विभागीय अफसरों को है।
बता दे कि दिल्ली-सहारनपुर रेलवे मार्ग पर जनता एक्सप्रेस व हरिद्वार एक्सप्रेस सहित 24 ट्रेन संचालित हैं। इन ट्रेनों में प्रतिदिन बड़ौत, जौहड़ी, दोघट, मलकपुर, बावली, रूस्तमपुर, वाजिदपुर, बिजरौल, बामनौली, पुसार, रंछाड़, बिनौली, बरनावा सहित तहसील क्षेत्र के सैकड़ों गांव के हजारों यात्री सफर करते हैं, लेकिन पिछले दो माह से हजारों यात्री मौत के मुंह मेें खिड़की पर लटककर सफर कर रहे हैं, कारण पिछले दो माह से ट्रेन नंबर 51910, 51911, 51912, 51913, 51905 सहित आधा दर्जन ट्रेनों में डिब्बों की संख्या कम है। नतीजन यात्रियों को खिड़कियों पर लटककर जान दांव पर लगाकर सफर करना पड़ रहा है। यात्रियों में वरुण, बबली, शेखर, सागर, शिवम, पुष्पेंद्र, सोनू, अरूण, दिनेश का कहना है कि ट्रेनों मेें डिब्बों की संख्या कम होने से बैठना तो दूर खड़ा होकर सफर करना भी मुश्किल हो रहा है, लेकिन बार-बार शिकायत किये जाने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इससे यात्रियों में आक्रोश पनपता जा रहा है। उधर स्टेशन मास्टर ओमवीर का कहना था कि यात्रियों को अधिक से अधिक सुविधाएं मिले, इसके लिए हम हमेशा तैयार रहते हैं, कई ट्रेनों मेें डिब्बों की संख्या कम चल रही है, इसकी जानकारी विभागीय अफसरों को है।
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