{"_id":"5cfd5d5dbdec220708715b3f","slug":"156010837415-baghpat-news96","type":"story","status":"publish","title_hn":"ग्लैंडर्स फारसी की दहशत, आज से चलेगा अभियान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ग्लैंडर्स फारसी की दहशत, आज से चलेगा अभियान
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बागपत। भट्ठों पर ईंटों की ढुलाई का काम करने वाले घोड़ा बुग्गी चालकों में ग्लैंडर्स फारसी की दहशत व्याप्त है। जिस घोड़े के नमूने लिए गए हैं, उन्हें डर सता है रहा है कि रिपोर्ट कहीं पॉजिटव न आ जाए। उधर पशु चिकित्सा विभाग ने चेतावनी दी कि भट्ठे से गए तो मजबूरन कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सोमवार से घोड़ों के रक्त के नमूने लेने का अभियान चलेगा।
दो घोड़ों में ग्लैंडर्स फारसी रोग की पुष्टि होने पर पशु चिकित्सा विभाग ने जिले को कंट्रोल एरिया घोषित किया है। जिले में बाहर से आने वाले अश्व प्रजाति के पशु पूरी तरह से प्रतिबंधित है। 30 नमूने भट्ठे से घोड़ों के रक्त के लिए जा चुके हैं। अश्व पालकों को डर सता रहा है कि अगर रिपोर्ट पॉजिटिव मिलती है तो घोड़ों को जहर के इंजेक्शन देकर मारा जाएगा।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. रविंद्र कुमार ने बताया कि अभी ग्लैंडर्स का केंद्र रहे नौरोजपुर रोड के ईंट भट्ठे के पांच और दस किमी के दायरे से घोड़ों के रक्त के नमूने लेने का काम चल रहा है। साथ ही अश्व पालकों को सख्त चेतावनी दी जा रही है कि जब तक रिपोर्ट नहीं आ जाती है, तब तक भट्ठे को छोड़कर अपने घरों को नहीं जाएंगे। सीवीओ ने बताया कि सोमवार से उन भट्ठों पर पहुंचकर घोड़ों के रक्त के नमूने लिए जाएंगे, जो नमूने लेने से छूट गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
दो घोड़ों में ग्लैंडर्स फारसी रोग की पुष्टि होने पर पशु चिकित्सा विभाग ने जिले को कंट्रोल एरिया घोषित किया है। जिले में बाहर से आने वाले अश्व प्रजाति के पशु पूरी तरह से प्रतिबंधित है। 30 नमूने भट्ठे से घोड़ों के रक्त के लिए जा चुके हैं। अश्व पालकों को डर सता रहा है कि अगर रिपोर्ट पॉजिटिव मिलती है तो घोड़ों को जहर के इंजेक्शन देकर मारा जाएगा।
विज्ञापन
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. रविंद्र कुमार ने बताया कि अभी ग्लैंडर्स का केंद्र रहे नौरोजपुर रोड के ईंट भट्ठे के पांच और दस किमी के दायरे से घोड़ों के रक्त के नमूने लेने का काम चल रहा है। साथ ही अश्व पालकों को सख्त चेतावनी दी जा रही है कि जब तक रिपोर्ट नहीं आ जाती है, तब तक भट्ठे को छोड़कर अपने घरों को नहीं जाएंगे। सीवीओ ने बताया कि सोमवार से उन भट्ठों पर पहुंचकर घोड़ों के रक्त के नमूने लिए जाएंगे, जो नमूने लेने से छूट गए हैं।
विज्ञापन