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शांतिनाथ महामंडल विधान में अर्पित किए 120 अघ्र्य
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बागपत। अतिशय क्षेत्र प्राचीन 1008 नेमिनाथ दिगंबर जैन मंदिर सरूरपुर कला गांव में श्री 1008 शांतिनाथ भगवान के जन्म, तप एवं मोक्ष कल्याणक के पावन प्रसंग पर शांतिनाथ महामंडल विधान का आयोजन किया गया, जिसके अंतर्गत सर्वप्रथम श्रीजी का अभिषेक हुआ एवं शांतिधारा की गई। उसके पश्चात शांतिनाथ महामंडल विधान में श्रद्धालुओं द्वारा 120 अर्ध्य चढ़ाए गए। श्रद्धालुओं ने श्रीजी की आरती कर पुण्य अर्जन किया।
सभी भक्तों ने बड़े ही उत्साह के साथ शांतिनाथ भगवान का जन्म कल्याणक मनाया एवं मोक्ष कल्याणक के अवसर पर निर्वाण लाडू भी समर्पित किया। सभी भक्तों ने शांतिनाथ भगवान के सामने शांति विधान के माध्यम से जगत शांति की कामनाएं की। 24 सप्ताह 24 तीर्थंकर के चालीसा के अंतर्गत श्री सुमति नाथ भगवान का चालीसा अमित जैन निवास पर हुई। नमन जैन ने बताया कि कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। श्री जी की पूजा अर्चना के बाद आशीर्वाद लिया। इस मौके पर लक्ष्य, वंश, दीपांशी, गीता, लक्ष्मी, संतोष, निर्मला, लक्ष्मी, आकांक्षा, वैशाली, तनु मौजूद रहे।
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सभी भक्तों ने बड़े ही उत्साह के साथ शांतिनाथ भगवान का जन्म कल्याणक मनाया एवं मोक्ष कल्याणक के अवसर पर निर्वाण लाडू भी समर्पित किया। सभी भक्तों ने शांतिनाथ भगवान के सामने शांति विधान के माध्यम से जगत शांति की कामनाएं की। 24 सप्ताह 24 तीर्थंकर के चालीसा के अंतर्गत श्री सुमति नाथ भगवान का चालीसा अमित जैन निवास पर हुई। नमन जैन ने बताया कि कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। श्री जी की पूजा अर्चना के बाद आशीर्वाद लिया। इस मौके पर लक्ष्य, वंश, दीपांशी, गीता, लक्ष्मी, संतोष, निर्मला, लक्ष्मी, आकांक्षा, वैशाली, तनु मौजूद रहे।
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