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नयन सागर महाराज का प्रायश्चित तय किया जाना सही कदम
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खेकड़ा (बागपत)।
मुजफ्फरनगर के चर्चित वीडियो प्रकरण में मुनि नयन सागर को पांच वर्ष उपाध्याय की दीक्षा वापसी का दंड मिला है। संमति धर्म योग समिति ने नयन सागर महाराज का प्रायश्चित तय किया जाना सही कदम बताया है।
मुजफ्फर नगर क्षेत्र में मुनि नयन सागर महाराज एवं खतौली की एक युवती के वीडियो की चर्चा देश विदेश में फैली । उक्त प्रकरण को लेकर जैन समाज के विभिन्न शहरों के प्रतिनिधियों ने उक्त मामला गुजरात के गिरनार जी में पहुंचकर उनके गुरू जैनाचार्य निर्मल सागर जी महाराज के सम्मुख रखा। तीन दिन धर्मसभा में दोनों पक्षों के 250 प्रतिनिधियों ने अपना पक्ष रखा। पक्षों को सुनकर ऐतिहासिक फैसला सुनाया गया। इसमें मुनि नयन सागर महाराज को पांच वर्ष उपाध्याय की दीक्षा वापसी का दंड दिया । आत्म शुद्धि और प्रायश्चित करने के लिए एक वर्ष में 22 पैदल गिरनार क्षेत्र यात्रा, 3 वर्ष तक उत्तर भारत की ओर जाने पर प्रतिबंध, इसके अलावा एक वर्ष में 24 उपवास और कठिन तप और 324 सांस में एक घंटा प्रतिदिन एक वर्ष तक एकांत वास कर मानसिक जप करने का आदेश दिया गया। प्रतिनिधि मंडल में शामिल सन्मति धर्मयोग समिति के अध्यक्ष खेकड़ा नगर निवासी श्रेयांस कुमार जैन ने बताया कि जैन इतिहास का यह सबसे कठोर दंड है। समाज और धर्म हित ऐसे फैसले न केवल जैन समाज के हित में है, बल्कि सभी समाज में इसका अच्छा संदेश गया है। बताया कि प्रतिनिधियों में जैन समाज गुजरात के अध्यक्ष सौभाग्य मल जैन, सतेंद्र जैन वीर सेना दिल्ली, महेश चंद जैन शामली, पंकज जैन महामंत्री बरनावा क्षेत्र, नवीन जैन गाजियाबाद, आलोक जैन चंडीगढ़ समेत देश भर के महत्वपूर्ण लोग शामिल रहे।
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मुजफ्फरनगर के चर्चित वीडियो प्रकरण में मुनि नयन सागर को पांच वर्ष उपाध्याय की दीक्षा वापसी का दंड मिला है। संमति धर्म योग समिति ने नयन सागर महाराज का प्रायश्चित तय किया जाना सही कदम बताया है।
मुजफ्फर नगर क्षेत्र में मुनि नयन सागर महाराज एवं खतौली की एक युवती के वीडियो की चर्चा देश विदेश में फैली । उक्त प्रकरण को लेकर जैन समाज के विभिन्न शहरों के प्रतिनिधियों ने उक्त मामला गुजरात के गिरनार जी में पहुंचकर उनके गुरू जैनाचार्य निर्मल सागर जी महाराज के सम्मुख रखा। तीन दिन धर्मसभा में दोनों पक्षों के 250 प्रतिनिधियों ने अपना पक्ष रखा। पक्षों को सुनकर ऐतिहासिक फैसला सुनाया गया। इसमें मुनि नयन सागर महाराज को पांच वर्ष उपाध्याय की दीक्षा वापसी का दंड दिया । आत्म शुद्धि और प्रायश्चित करने के लिए एक वर्ष में 22 पैदल गिरनार क्षेत्र यात्रा, 3 वर्ष तक उत्तर भारत की ओर जाने पर प्रतिबंध, इसके अलावा एक वर्ष में 24 उपवास और कठिन तप और 324 सांस में एक घंटा प्रतिदिन एक वर्ष तक एकांत वास कर मानसिक जप करने का आदेश दिया गया। प्रतिनिधि मंडल में शामिल सन्मति धर्मयोग समिति के अध्यक्ष खेकड़ा नगर निवासी श्रेयांस कुमार जैन ने बताया कि जैन इतिहास का यह सबसे कठोर दंड है। समाज और धर्म हित ऐसे फैसले न केवल जैन समाज के हित में है, बल्कि सभी समाज में इसका अच्छा संदेश गया है। बताया कि प्रतिनिधियों में जैन समाज गुजरात के अध्यक्ष सौभाग्य मल जैन, सतेंद्र जैन वीर सेना दिल्ली, महेश चंद जैन शामली, पंकज जैन महामंत्री बरनावा क्षेत्र, नवीन जैन गाजियाबाद, आलोक जैन चंडीगढ़ समेत देश भर के महत्वपूर्ण लोग शामिल रहे।
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