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वैदिक शिक्षा के बिना उन्नति संभव नहीं : समरभानु
Updated Mon, 05 Mar 2018 12:33 AM IST
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बड़ौत (बागपत)। रेलवे रोड पर स्थित आर्य समाज मंदिर में आर्य समाज के तत्वावधान में यज्ञ किया। इसमें सैकड़ों आर्य जनों ने आहुतियां दीं।
कार्यक्रम में डॉ. समर भानु आर्य ने कहा कि बिना वैदिक शिक्षा के राष्ट्र एवं समाज की उन्नति नहीं हो सकती। महर्षि दयानंद सरस्वती ने पंजाब के भ्रमण के समय मूल राग आर्य को उत्तरदायित्व सौंपा था कि वे अतिशीघ्र पंजाब के लाट महोदय सर राबर्ट अर्जंटन से मिलकर राज्य के तहत संचालित शिक्षालयों में वैदिक शिक्षा बढ़ाने का संदेश पहुंचा दें। इस कार्य में दक्ष होते देख सरस्वती स्वयं सर राबर्ट से मिले और उनसे वेद भाष्य पढ़ाने पर जोर दिया। सर राबर्ट ने अपने मार्ग में कुछ कठिनाइयां बताकर वेद भाष्य के प्रथम अंक की कुछ प्रतियां लेकर विद्वान पंडितों की सहमति जानने तथा उनके अनुकूल कार्य करने का वचन दिया। वेद भाष्य की प्रतियां देश तथा विदेश के पंडित विद्वानों को भेजी गई।
यज्ञ में छात्र अर्चित आर्य यज्ञमान रहें। जिन्हें यज्ञोपवीत धारण कराया गया। समर भानु यज्ञ के ब्रह्मा रहे। सभी आर्यजनों ने यज्ञ में आहुतियां डालीं। यज्ञ में ओमवीर आर्य, अंग्रिस मुनि, रामबली राणा, ओमपाल शास्त्री, विनोद भारद्वाज, विपिन आर्य, प्रीतम सिंह वर्मा, रणतेज सिंह, सत्यपाल पथौलिया, राधेश्याम, ओमपाल राठी, मोहनपाल, उपेंद्र आर्य आदि ने भाग लिया।
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कार्यक्रम में डॉ. समर भानु आर्य ने कहा कि बिना वैदिक शिक्षा के राष्ट्र एवं समाज की उन्नति नहीं हो सकती। महर्षि दयानंद सरस्वती ने पंजाब के भ्रमण के समय मूल राग आर्य को उत्तरदायित्व सौंपा था कि वे अतिशीघ्र पंजाब के लाट महोदय सर राबर्ट अर्जंटन से मिलकर राज्य के तहत संचालित शिक्षालयों में वैदिक शिक्षा बढ़ाने का संदेश पहुंचा दें। इस कार्य में दक्ष होते देख सरस्वती स्वयं सर राबर्ट से मिले और उनसे वेद भाष्य पढ़ाने पर जोर दिया। सर राबर्ट ने अपने मार्ग में कुछ कठिनाइयां बताकर वेद भाष्य के प्रथम अंक की कुछ प्रतियां लेकर विद्वान पंडितों की सहमति जानने तथा उनके अनुकूल कार्य करने का वचन दिया। वेद भाष्य की प्रतियां देश तथा विदेश के पंडित विद्वानों को भेजी गई।
यज्ञ में छात्र अर्चित आर्य यज्ञमान रहें। जिन्हें यज्ञोपवीत धारण कराया गया। समर भानु यज्ञ के ब्रह्मा रहे। सभी आर्यजनों ने यज्ञ में आहुतियां डालीं। यज्ञ में ओमवीर आर्य, अंग्रिस मुनि, रामबली राणा, ओमपाल शास्त्री, विनोद भारद्वाज, विपिन आर्य, प्रीतम सिंह वर्मा, रणतेज सिंह, सत्यपाल पथौलिया, राधेश्याम, ओमपाल राठी, मोहनपाल, उपेंद्र आर्य आदि ने भाग लिया।
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