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किसने किए ग्राम विकास अधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर
Updated Tue, 27 Feb 2018 12:48 AM IST
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बागपत। गांगनौली गांव में पाइप पेयजल परियोजना में गड़बड़ी हुई है। ग्राम विकास अधिकारी ने जल निगम के अधिकारी और पूर्व प्रधान पर फर्जी हस्ताक्षर कर ओवर हैड टैंक को सुपुर्द करने का आरोप लगाया। वर्तमान प्रधान ने डीएम को पत्र लिखकर फर्जी हस्ताक्षर के साथ और घटिया सामग्री की जांच कराने की मांग की, ताकि गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई हो सके।
पाइप पेयजल योजना से वर्ष 2012-13 में ओवर हैड टैंक स्वीकृत हुआ । इसका निर्माण पूरा हो गया, लेकिन उसमें हैंडओवर करने में फर्जीवाडा सामने आया है। ग्राम विकास अधिकारी ने वर्तमान प्रधान को बताया जल निगम के कर्मचारी ने उसके फर्जी हस्ताक्षर करके टंकी को हैंडओवर करवाया है। प्रधान सुभाषना ने डीएम को पत्र लिखकर पूरे प्रकरण की जांच करवाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि टंकी सुपुर्द करने में जो हस्ताक्षर बनाए है, इसकी जांच होनी जरूरी है। उन्होंने डीएम को बताया करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये लागत से योजना के तहत निर्माण हुआ । इसमें मानक के अनुसार कार्य नहीं हुआ है। 70 प्रतिशत भाग में पानी नहीं पहुंच रहा है। पाइप फटने के कारण लोगों के घरों में गंदा जा रहा है। कई बार इस संबंध में शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने डीएम से मांग की बिनौली ब्लॉक के किसी भी अधिकारी ग्राम विकास अधिकारी प्रवेंद्र के फर्जी हस्ताक्षरों की जांच कराई जाए। इससे आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई हो सके। डीएम ऋषिरेंद्र कुमार ने सीडीओ को जांच कराकर कार्रवाई के निर्देशित किया। इसके बाद सीडीओ ने इसकी जांच शुरू कर दी है।
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पाइप पेयजल योजना से वर्ष 2012-13 में ओवर हैड टैंक स्वीकृत हुआ । इसका निर्माण पूरा हो गया, लेकिन उसमें हैंडओवर करने में फर्जीवाडा सामने आया है। ग्राम विकास अधिकारी ने वर्तमान प्रधान को बताया जल निगम के कर्मचारी ने उसके फर्जी हस्ताक्षर करके टंकी को हैंडओवर करवाया है। प्रधान सुभाषना ने डीएम को पत्र लिखकर पूरे प्रकरण की जांच करवाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि टंकी सुपुर्द करने में जो हस्ताक्षर बनाए है, इसकी जांच होनी जरूरी है। उन्होंने डीएम को बताया करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये लागत से योजना के तहत निर्माण हुआ । इसमें मानक के अनुसार कार्य नहीं हुआ है। 70 प्रतिशत भाग में पानी नहीं पहुंच रहा है। पाइप फटने के कारण लोगों के घरों में गंदा जा रहा है। कई बार इस संबंध में शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने डीएम से मांग की बिनौली ब्लॉक के किसी भी अधिकारी ग्राम विकास अधिकारी प्रवेंद्र के फर्जी हस्ताक्षरों की जांच कराई जाए। इससे आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई हो सके। डीएम ऋषिरेंद्र कुमार ने सीडीओ को जांच कराकर कार्रवाई के निर्देशित किया। इसके बाद सीडीओ ने इसकी जांच शुरू कर दी है।
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