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जीवन में आगे बढ़ने के लिए संकल्प जरूरी
Updated Sat, 24 Feb 2018 12:56 AM IST
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बिनौली (बागपत)।
बरनावा के लाक्षा गृह स्थित श्री महानंद संस्कृत विद्यालय गुरुकुल में विश्व कल्याण चतुर्वेद पारायण महायज्ञ के छठे दिन आर्य जगत के प्रसिद्ध विद्वान प्रो. बलजीत सिंह आर्य ने कहा कि प्रदूषित पर्यावरण को शुद्ध करने का अग्निहोत्र ही एकमात्र साधन है। यज्ञों के आयोजन से ही मानव जीवन सुरक्षित रह सकता है।
अखिल भारतीय वेद प्रचार मंडल के अध्यक्ष प्रो. आर्य ने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए संकल्प जरूरी है। संकल्प को आगे बढ़ाने के लिए पुरुषार्थ करना आवश्यक है। उन्होंने कहा महर्षि दयानंद की विचारधारा को आत्मसात करने पर ही हम अपनी संस्कृति और सभ्यता को सुरक्षित रख सकते हैं। विदेशों में भी वेद और यज्ञ पर शोध हो रहे हैं। जो हमारे लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि संकल्प और पुरुषार्थ से ही मनुष्य परम पद को प्राप्त करता है।
महायज्ञ के ब्रहा आचार्य गुरु वचन शास्त्री, योगाचार्य अरविंद शास्त्री, आचार्य विनोद कुमार, जयवीर दत्त ने भी वेदोपदेश दिया। प्रसिद्ध भजन उपदेशक नरेश निर्मल, महाशय घनश्याम प्रेमी, वीर सिंह गांवड़ी, भूपेंद्र आर्य, जेपी त्यागी ने ईश भक्ति, समाज सुधार व देशप्रेम से ओतप्रोत सुमधुर भजन प्रस्तुत किए। इसमें डॉ. सोमदत्त शर्मा, सुमित बेन पटेल, मनीष एडवोकेट, ब्रहमचारी रामफल, पूर्व जिला पंचायत सदस्य तेजपाल धनौरा, धनपाल बैंसला प्रधान, अजय त्यागी, नरेंद्र त्यागी, सतीश भारद्वाज, श्योदान शास्त्री, हंसा बेन पटेल, नरेश वर्मा, ब्रह्म प्रकाश त्यागी आदि रहे।
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बरनावा के लाक्षा गृह स्थित श्री महानंद संस्कृत विद्यालय गुरुकुल में विश्व कल्याण चतुर्वेद पारायण महायज्ञ के छठे दिन आर्य जगत के प्रसिद्ध विद्वान प्रो. बलजीत सिंह आर्य ने कहा कि प्रदूषित पर्यावरण को शुद्ध करने का अग्निहोत्र ही एकमात्र साधन है। यज्ञों के आयोजन से ही मानव जीवन सुरक्षित रह सकता है।
अखिल भारतीय वेद प्रचार मंडल के अध्यक्ष प्रो. आर्य ने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए संकल्प जरूरी है। संकल्प को आगे बढ़ाने के लिए पुरुषार्थ करना आवश्यक है। उन्होंने कहा महर्षि दयानंद की विचारधारा को आत्मसात करने पर ही हम अपनी संस्कृति और सभ्यता को सुरक्षित रख सकते हैं। विदेशों में भी वेद और यज्ञ पर शोध हो रहे हैं। जो हमारे लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि संकल्प और पुरुषार्थ से ही मनुष्य परम पद को प्राप्त करता है।
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महायज्ञ के ब्रहा आचार्य गुरु वचन शास्त्री, योगाचार्य अरविंद शास्त्री, आचार्य विनोद कुमार, जयवीर दत्त ने भी वेदोपदेश दिया। प्रसिद्ध भजन उपदेशक नरेश निर्मल, महाशय घनश्याम प्रेमी, वीर सिंह गांवड़ी, भूपेंद्र आर्य, जेपी त्यागी ने ईश भक्ति, समाज सुधार व देशप्रेम से ओतप्रोत सुमधुर भजन प्रस्तुत किए। इसमें डॉ. सोमदत्त शर्मा, सुमित बेन पटेल, मनीष एडवोकेट, ब्रहमचारी रामफल, पूर्व जिला पंचायत सदस्य तेजपाल धनौरा, धनपाल बैंसला प्रधान, अजय त्यागी, नरेंद्र त्यागी, सतीश भारद्वाज, श्योदान शास्त्री, हंसा बेन पटेल, नरेश वर्मा, ब्रह्म प्रकाश त्यागी आदि रहे।
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