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यज्ञ के बिना मनुष्य का कल्याण असंभव : विवेकानंद
Updated Fri, 29 Sep 2017 01:19 AM IST
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दोघट/ दाहा (बागपत)। यज्ञशाला दाहा में तीन दिवसीय ऋग्वेद खंड पारायण महायज्ञ का शुभारंभ हुआ। इस मौके पर स्वामी विवेकानंद सरस्वती ने कहा यज्ञ के बिना मनुष्य का कल्याण संभव नहीं है। इसलिए मनुष्य को समय-समय पर यज्ञ करते रहना चाहिए।
यज्ञ के ब्रह्मा वीतराग स्वामी विवेकानंद सरस्वती ने कहा यज्ञ दुनिया का सर्वश्रेष्ठ कर्म है। इसके करने से मनुष्य के सभी पाप समाप्त हो जाते है। उन्होंने कहा यज्ञ में भाग लेने वाले सभी मनुष्यों को यज्ञ में आहुतियां देने से पुण्य की प्राप्ति होती है। यज्ञ भाग लेने के बाद वेदपाठ सुनने से मनुष्य को ज्ञान प्राप्त होता है। यज्ञमान विवेक राणा सहपत्नी रहे। वेदपाठ गुरुकुल प्रभात आश्रम भोला झाल के ब्रह्मचारी रोहित, शैलेंद्र, विवेक, सौरभ ने किया। संचालन सत्यपाल आर्य ने किया। इलमें डॉ. चंद्रवीर सिंह राणा, सोमपाल राणा, मास्टर मांगेराम, पंडित भागीरथ सिंह, चरण सिंह पूर्व प्रधान, सूबेदार श्याम सिंह, तिलक राम, ओम प्रकाश, रामपाल सिंह, प्रताप सिंह, अखिलेश, इंद्रपाल, संजीव राणा, हरपाल सिंह, सुधीर कुमार, जितेंद्र आदि रहे।
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यज्ञ के ब्रह्मा वीतराग स्वामी विवेकानंद सरस्वती ने कहा यज्ञ दुनिया का सर्वश्रेष्ठ कर्म है। इसके करने से मनुष्य के सभी पाप समाप्त हो जाते है। उन्होंने कहा यज्ञ में भाग लेने वाले सभी मनुष्यों को यज्ञ में आहुतियां देने से पुण्य की प्राप्ति होती है। यज्ञ भाग लेने के बाद वेदपाठ सुनने से मनुष्य को ज्ञान प्राप्त होता है। यज्ञमान विवेक राणा सहपत्नी रहे। वेदपाठ गुरुकुल प्रभात आश्रम भोला झाल के ब्रह्मचारी रोहित, शैलेंद्र, विवेक, सौरभ ने किया। संचालन सत्यपाल आर्य ने किया। इलमें डॉ. चंद्रवीर सिंह राणा, सोमपाल राणा, मास्टर मांगेराम, पंडित भागीरथ सिंह, चरण सिंह पूर्व प्रधान, सूबेदार श्याम सिंह, तिलक राम, ओम प्रकाश, रामपाल सिंह, प्रताप सिंह, अखिलेश, इंद्रपाल, संजीव राणा, हरपाल सिंह, सुधीर कुमार, जितेंद्र आदि रहे।
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