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वासना है सभी दुखों की जननी : अरुण मुनि
Updated Sat, 05 Aug 2017 12:56 AM IST
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वासना है सभी दुखों की जननी : अरुण मुनि
बड़ौत (बागपत)। जैन संत अरुण मुनि ने कहा कि वासना ही सभी पापों और दुखों की जननी है। जब तक इस पर नियंत्रण नहीं होगा। तब तक सुख प्राप्त नहीं होगा। जैन स्थानक शहर में हुई धर्मसभा में उन्होंने कहा कि इस जन्म में पाप का नहीं पुण्य का टिकट लो तभी तो यह यात्रा पूर्ण होगी। उन्होंने कहा कि तलवार के म्यान में होने, सांप के बिल में होने, वासना पर नियंत्रण से ही सभी सुरक्षित रह पाते हैं। उन्होंने कहा कि रास्ते में धन पड़ा मिल जाए। हो सकता है मन न डिगे मगर यदि एकांत में कोई विजातीय शरीर मिल जाए तो मन नियंत्रण में नहीं रह सकता। अंधकार से भी बचना होगा क्योंकि अधिकतर पाप अंधकार में ही होते है। चोरी भी अंधकार में होती है। वासना को जागृत करने में अंधकार भी अपना सहयोग देता है। इससे पूर्व अमन मुनि ने विचार रखे। धर्मसभा में भारत भूषण, सतीशचंद, कालू जैन, मनोज जैन, शशंाक जैन, अतुल जैन, हंस कुमार जैन, दीपक जैन, शैलबाला, छवि जैन, कमलेश जैन, पूनम जैन आदि उपस्थित रहें
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बड़ौत (बागपत)। जैन संत अरुण मुनि ने कहा कि वासना ही सभी पापों और दुखों की जननी है। जब तक इस पर नियंत्रण नहीं होगा। तब तक सुख प्राप्त नहीं होगा। जैन स्थानक शहर में हुई धर्मसभा में उन्होंने कहा कि इस जन्म में पाप का नहीं पुण्य का टिकट लो तभी तो यह यात्रा पूर्ण होगी। उन्होंने कहा कि तलवार के म्यान में होने, सांप के बिल में होने, वासना पर नियंत्रण से ही सभी सुरक्षित रह पाते हैं। उन्होंने कहा कि रास्ते में धन पड़ा मिल जाए। हो सकता है मन न डिगे मगर यदि एकांत में कोई विजातीय शरीर मिल जाए तो मन नियंत्रण में नहीं रह सकता। अंधकार से भी बचना होगा क्योंकि अधिकतर पाप अंधकार में ही होते है। चोरी भी अंधकार में होती है। वासना को जागृत करने में अंधकार भी अपना सहयोग देता है। इससे पूर्व अमन मुनि ने विचार रखे। धर्मसभा में भारत भूषण, सतीशचंद, कालू जैन, मनोज जैन, शशंाक जैन, अतुल जैन, हंस कुमार जैन, दीपक जैन, शैलबाला, छवि जैन, कमलेश जैन, पूनम जैन आदि उपस्थित रहें