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ऑनलाइन कक्षाओं से नहीं जुड़ सके 15 हजार विद्यार्थी
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जनपद के 22 महाविद्यालयों के 40 फीसदी छात्र ही ऑनलाइन कक्षा का उठा रहे लाभ
ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को नेटवर्किंग की दिक्कतों का ज्यादा करना पड़ रहा सामना
पाठ्यक्रम छूटने से भविष्य में परीक्षाओं की तैयारियां करने के लिए उठानी पड़ेंगी दिक्कतें
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। चौधरी चरण सिंह विद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों में ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से सेमेस्टर की पढ़ाई शुरू हो गई है। मगर, अभी भी नेटवर्किंग और आर्थिक स्थिति के कारण करीब 15 हजार विद्यार्थी ऑनलाइन कक्षाआें से नहीं जुड़ सके है। बागपत जनपद के 22 महाविद्यालयों के मात्र 40 फीसदी ही छात्र ऑनलाइन कक्षा से जुडे़ है।
जनपद में कुल 22 महाविद्यालय है। इनमें एक सरकारी, पांच एडेड और 16 सेल्फ फाइनेंस कॉलेज है। रेगुलर छात्रों की संख्या करीब 25 हजार से अधिक है। कोरोना की दूसरी लहर आने के कुछ दिनों बाद महाविद्यालय को बंद करने के आदेश मिल गए थे। इस कारण छात्र घर बैठ गए थे। 19 अप्रैल से ऑनलाइन कक्षाएं शुरू कर दी गई थी। सेमेस्टर कक्षाओं के सभी विषयों के प्रोफेसरों ने अपनी-अपनी कक्षाओं के विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ाना शुरू कर दिया है। मगर, अभी तक मात्र 40 फीसदी छात्र ही ऑनलाइन क्लास से जुडे़ है। 15 हजार छात्र भी भी विभिन्न समस्याआें के चलते ऑनलाइन कक्षाआें से नहीं जुड़ सके है।
ये आ रही दिक्कतें
शिक्षकाें के अनुसार ग्र्रामीण क्षेत्रों के छात्रों से बात की गई तो उन्होंने नेटवर्किंग की समस्या बताई। कहा कि उनके यहां नेटवर्क नहीं आते, ऐसे में ऑनलाइन कक्षा से जुड़ने में दिक्कत होती है। इसके अलावा कुछ विद्यार्थियों की आर्थिक स्थिति भी ऑनलाइन शिक्षा में बाधा बन रही है। परिवार में एक ही मोबाइल है। वह भी परिवार के मुखिया के पास ही रहता है। ऑनलाइन कक्षा के समय परिवार के मुखिया अधिकांश घर में नहीं होते।
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कुछ को प्रोन्नत होने की उम्मीद
कई विद्यार्थी ऐसे भी है तो ऑनलाइन कक्षाआें से न जुड़ने के बहाने बनाते है। उन्हें उम्मीद है कि जैसे सरकार ने बोर्ड परीक्षाओं को रद्द कर दिया है और गत वर्ष भी कोरोना के चलते डिग्री कालेजों के छात्रों को भी प्रोन्नत कर दिया गया था, इस बार भी कुछ ऐसा ही होगा।
ये बोले दिगंबर जैन डिग्री कॉलेज के प्राचार्य
दिगंबर जैन डिग्री कॉलेज के प्राचार्य डॉ. वीरेंद्र सिंह ने बताया कि सेमेस्टर वाइज सभी कक्षाओं की ऑनलाइन पढ़ाई कराई जा रही है। ऐसे में विद्यार्थियों को ऑनलाइन कक्षा से जुड़ने के लिए कहा जा रहा है। मगर, ऑनलाइन कक्षाओं में कम विद्यार्थी ही जुड़ रहे हैं। विद्यार्थियों को ऑनलाइन कक्षाओं से जुड़कर पाठ्यक्रम की पढ़ाई करनी चाहिए, ताकि उनका पाठ्यक्रम अधूरा न रह जाए और उन्हें परीक्षा देते समय पछताना ना पड़े।
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ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को नेटवर्किंग की दिक्कतों का ज्यादा करना पड़ रहा सामना
पाठ्यक्रम छूटने से भविष्य में परीक्षाओं की तैयारियां करने के लिए उठानी पड़ेंगी दिक्कतें
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। चौधरी चरण सिंह विद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों में ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से सेमेस्टर की पढ़ाई शुरू हो गई है। मगर, अभी भी नेटवर्किंग और आर्थिक स्थिति के कारण करीब 15 हजार विद्यार्थी ऑनलाइन कक्षाआें से नहीं जुड़ सके है। बागपत जनपद के 22 महाविद्यालयों के मात्र 40 फीसदी ही छात्र ऑनलाइन कक्षा से जुडे़ है।
जनपद में कुल 22 महाविद्यालय है। इनमें एक सरकारी, पांच एडेड और 16 सेल्फ फाइनेंस कॉलेज है। रेगुलर छात्रों की संख्या करीब 25 हजार से अधिक है। कोरोना की दूसरी लहर आने के कुछ दिनों बाद महाविद्यालय को बंद करने के आदेश मिल गए थे। इस कारण छात्र घर बैठ गए थे। 19 अप्रैल से ऑनलाइन कक्षाएं शुरू कर दी गई थी। सेमेस्टर कक्षाओं के सभी विषयों के प्रोफेसरों ने अपनी-अपनी कक्षाओं के विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ाना शुरू कर दिया है। मगर, अभी तक मात्र 40 फीसदी छात्र ही ऑनलाइन क्लास से जुडे़ है। 15 हजार छात्र भी भी विभिन्न समस्याआें के चलते ऑनलाइन कक्षाआें से नहीं जुड़ सके है।
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ये आ रही दिक्कतें
शिक्षकाें के अनुसार ग्र्रामीण क्षेत्रों के छात्रों से बात की गई तो उन्होंने नेटवर्किंग की समस्या बताई। कहा कि उनके यहां नेटवर्क नहीं आते, ऐसे में ऑनलाइन कक्षा से जुड़ने में दिक्कत होती है। इसके अलावा कुछ विद्यार्थियों की आर्थिक स्थिति भी ऑनलाइन शिक्षा में बाधा बन रही है। परिवार में एक ही मोबाइल है। वह भी परिवार के मुखिया के पास ही रहता है। ऑनलाइन कक्षा के समय परिवार के मुखिया अधिकांश घर में नहीं होते।
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कुछ को प्रोन्नत होने की उम्मीद
कई विद्यार्थी ऐसे भी है तो ऑनलाइन कक्षाआें से न जुड़ने के बहाने बनाते है। उन्हें उम्मीद है कि जैसे सरकार ने बोर्ड परीक्षाओं को रद्द कर दिया है और गत वर्ष भी कोरोना के चलते डिग्री कालेजों के छात्रों को भी प्रोन्नत कर दिया गया था, इस बार भी कुछ ऐसा ही होगा।
ये बोले दिगंबर जैन डिग्री कॉलेज के प्राचार्य
दिगंबर जैन डिग्री कॉलेज के प्राचार्य डॉ. वीरेंद्र सिंह ने बताया कि सेमेस्टर वाइज सभी कक्षाओं की ऑनलाइन पढ़ाई कराई जा रही है। ऐसे में विद्यार्थियों को ऑनलाइन कक्षा से जुड़ने के लिए कहा जा रहा है। मगर, ऑनलाइन कक्षाओं में कम विद्यार्थी ही जुड़ रहे हैं। विद्यार्थियों को ऑनलाइन कक्षाओं से जुड़कर पाठ्यक्रम की पढ़ाई करनी चाहिए, ताकि उनका पाठ्यक्रम अधूरा न रह जाए और उन्हें परीक्षा देते समय पछताना ना पड़े।