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महापंचायत के लिए गांव-गांव जाकर जनसंपर्क किया
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बड़ौत (बागपत)। विक्रम हत्याकांड में आरोपियों को पकड़ने को लेकर बुधवार को क्रमिक अनशन व धरना तहसील पर जारी रहा और 17 मई को होने वाली महापंचायत को लेकर गांव-गांव जनसंपर्क शुरू किया गया। वहीं पुलिस ने धरने का नेतृत्व कर रहे दो लोगों को नोटिस जारी कर चेतावनी दी है कि यदि पंचायत की शासन से स्वीकृति बिना पंचायत की और कोई घटना हुई तो वे सीधे तौर पर जिम्मेदार स्वयं होंगे।
विक्रम हत्याकांड के हत्यारोपियों की गिरफ्तारी को लेकर परिवार व राम रहीम सेवा दल के कार्यकर्ता तहसील में धरना व क्रमिक अनशन कर रहे हैं। बुधवार को भी क्रमिक अनशन व धरना जारी रहा। धरने की अध्यक्षता कर रहे सतीश तोमर ने बताया कि विक्रम हत्याकांड के आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर 17 मई को तहसील में पंचायत बुलाई गई है। इसे लेकर गांव-गांव जनसंपर्क किया जा रहा है और लोगों से अपील की कि पंचायत में पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाए और काफी संख्या मेें लोग पहुंचे। बुधवार को क्रमिक अनशन पर सत्यवीर सिंह, आशा देवी, कमला देवी, अमृता, कपिल बैठे। धरनास्थल पर लोगों का कहना था कि विक्रम हत्याकांड में नामजद रिपोर्ट दर्ज किए जाने के बाद भी हत्यारोपियों को नहीं पकड़ा जा रहा है। उनका यह आंदोलन जारी रहेगा। इस अवसर पर राजीव सिंह, व्यापक तोमर, सत्यवीर सिंह, कपिल, अर्जुन, उदयवीर, सुरेंद्र, शेरा, राजकुमार, पुनीत आदि शामिल रहे।
कोतवाल के आश्वासन पर महापंचायत स्थगित हुई
बड़ौत। विक्रम हत्याकांड के हत्यारोपी की गिरफ्तारी को लेकर धरने पर बैठे परिजनों के बीच कोतवाल आरके सिंह पहुंचे और एक घंटे तक वार्ता की। उनका कहना था कि यदि वे चाहते है तो अब तक फर्जी तौर पर इसका खुलासा हो सकता था, लेकिन मै नहीं चाहता की कि इस हत्याकांड में कोई निर्दोष व्यक्ति फंसे। मै पूरी ईमानदारी से इस घटना का खुलासा करने के पीछे लगा हूं और 23 मई के बाद इसका खुलासा होने की संभावना है, आप निश्चित रहे। खुलासे के दौरान आप संतुष्ट होंगे। इस पर धरने पर बैठे लोगों ने 17 मई को होने वाली पंचायत को स्थगित कर दिया है और धरना जारी रखने का ऐलान किया है।
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प्रमाण हाथ नहीं लगे
बड़ौत। कोतवाली में सीओ रामानंद कुशवाहा व कोतवाल राकेश सिंह ने कॉल डिटेल के आधार पर कुछ लोगों से घंटो पूछताछ की। देर शाम तक पूछताछ जारी थी। पूछताछ में हर बिन्दुओं पर संदिग्ध लोगों से पूछताद की गयी, लेकिन अब तक ठोस प्रमाण हाथ नहीं लगे है।
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विक्रम हत्याकांड के हत्यारोपियों की गिरफ्तारी को लेकर परिवार व राम रहीम सेवा दल के कार्यकर्ता तहसील में धरना व क्रमिक अनशन कर रहे हैं। बुधवार को भी क्रमिक अनशन व धरना जारी रहा। धरने की अध्यक्षता कर रहे सतीश तोमर ने बताया कि विक्रम हत्याकांड के आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर 17 मई को तहसील में पंचायत बुलाई गई है। इसे लेकर गांव-गांव जनसंपर्क किया जा रहा है और लोगों से अपील की कि पंचायत में पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाए और काफी संख्या मेें लोग पहुंचे। बुधवार को क्रमिक अनशन पर सत्यवीर सिंह, आशा देवी, कमला देवी, अमृता, कपिल बैठे। धरनास्थल पर लोगों का कहना था कि विक्रम हत्याकांड में नामजद रिपोर्ट दर्ज किए जाने के बाद भी हत्यारोपियों को नहीं पकड़ा जा रहा है। उनका यह आंदोलन जारी रहेगा। इस अवसर पर राजीव सिंह, व्यापक तोमर, सत्यवीर सिंह, कपिल, अर्जुन, उदयवीर, सुरेंद्र, शेरा, राजकुमार, पुनीत आदि शामिल रहे।
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कोतवाल के आश्वासन पर महापंचायत स्थगित हुई
बड़ौत। विक्रम हत्याकांड के हत्यारोपी की गिरफ्तारी को लेकर धरने पर बैठे परिजनों के बीच कोतवाल आरके सिंह पहुंचे और एक घंटे तक वार्ता की। उनका कहना था कि यदि वे चाहते है तो अब तक फर्जी तौर पर इसका खुलासा हो सकता था, लेकिन मै नहीं चाहता की कि इस हत्याकांड में कोई निर्दोष व्यक्ति फंसे। मै पूरी ईमानदारी से इस घटना का खुलासा करने के पीछे लगा हूं और 23 मई के बाद इसका खुलासा होने की संभावना है, आप निश्चित रहे। खुलासे के दौरान आप संतुष्ट होंगे। इस पर धरने पर बैठे लोगों ने 17 मई को होने वाली पंचायत को स्थगित कर दिया है और धरना जारी रखने का ऐलान किया है।
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प्रमाण हाथ नहीं लगे
बड़ौत। कोतवाली में सीओ रामानंद कुशवाहा व कोतवाल राकेश सिंह ने कॉल डिटेल के आधार पर कुछ लोगों से घंटो पूछताछ की। देर शाम तक पूछताछ जारी थी। पूछताछ में हर बिन्दुओं पर संदिग्ध लोगों से पूछताद की गयी, लेकिन अब तक ठोस प्रमाण हाथ नहीं लगे है।