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बेसहारा गोवंश को स्कूलों में भरने पर क्या कार्रवाई, आयोग ने मांगा जवाब
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बागपत। बेसहारा गोवंशीय पशुओं को प्राथमिक विद्यालयों में बंद करने के मामले में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने डीएम से 20 दिन में स्पष्टीकरण मांगा है। इससे बच्चों की शिक्षा पर गहरा असर पड़ा है। इस प्रकरण में क्या कार्रवाई की है इसकी आख्या आयोग में पेश करेंगे।
जिले के कई गांवों में बेसहारा गोवंशीय पशुओं से तंग आकर ग्रामीणों ने परिषदीय विद्यालयों में गोवंशों को बंद कर दिया। इससे बच्चों को या तो गली में पढ़ना पड़ा या अवकाश घोषित किया। प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की। राष्ट्रीय अधिकार संरक्षण आयोग में बाल अधिकार संरक्षण कार्यकर्ता एडवोकेट पवन तिवारी ने बाल हित याचिका दायर की। आयोग ने इसकी सुनवाई की और प्रकरण को गंभीरता से लिया। एडवोकेट पवन तिवारी ने बताया कि शिकायत के बाद आयोग ने डीएम से प्रकरण में स्पष्टीकरण मांगा है। प्रशासन द्वारा इस प्रकरण बच्चों की शिक्षा को कैसे रोका जा सकता है। इस मामले में प्रशासन स्तर से क्या कार्रवाई की। आयोग ने 20 दिन में डीएम से स्पष्टीकरण देने के लिए निर्देशित किया।
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जिले के कई गांवों में बेसहारा गोवंशीय पशुओं से तंग आकर ग्रामीणों ने परिषदीय विद्यालयों में गोवंशों को बंद कर दिया। इससे बच्चों को या तो गली में पढ़ना पड़ा या अवकाश घोषित किया। प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की। राष्ट्रीय अधिकार संरक्षण आयोग में बाल अधिकार संरक्षण कार्यकर्ता एडवोकेट पवन तिवारी ने बाल हित याचिका दायर की। आयोग ने इसकी सुनवाई की और प्रकरण को गंभीरता से लिया। एडवोकेट पवन तिवारी ने बताया कि शिकायत के बाद आयोग ने डीएम से प्रकरण में स्पष्टीकरण मांगा है। प्रशासन द्वारा इस प्रकरण बच्चों की शिक्षा को कैसे रोका जा सकता है। इस मामले में प्रशासन स्तर से क्या कार्रवाई की। आयोग ने 20 दिन में डीएम से स्पष्टीकरण देने के लिए निर्देशित किया।
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