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विधायक योगेश धामा ने ग्रामीणों का दर्द सुना
Updated Mon, 17 Sep 2018 12:46 AM IST
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दोघट (बागपत)।
भड़ल गांव मेें चर्म शोधन इकाइयों के विरोध में ग्रामीणों का चल रहा धरना छठे दिन भी जारी रहा। क्षेत्र के ग्राम प्रधानों ने धरने पर पहुंचकर समर्थन दिया। बागपत विधायक योगेश धामा ने धरनारत लोगों की समस्या सुनीं और डीएम से मुलाकात कर समाधान कराने का आश्वासन दिया। ग्रामीणों ने प्रशासन को चार दिन का अल्टीमेटम देकर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।
रविवार को धरना स्थल पर पहुंचे विधायक योगेश धामा ने आंदोलनकारी ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने विधायक को बताया कि गांव के बीची बीच चर्म शोधन इकाइयां चल रही है। इनसे निकलने वाले दूषित पानी से बीमारियां फैल रही है। साथ ही भूजल भी दूषित हो गया है। बदबू से ग्रामीण परेशान हैं। इन चर्म शोधन इकाइयों को गांव से बाहर स्थानांतरित किया जाए। विधायक ने कहा डीएम से मिलकर समस्या का समाधान कराया जाएगा। धरने पर क्षेत्र के ग्रामीणों ने पहुंचकर पूर्ण समर्थन दिया। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि छह दिन से ग्रामीण धरने पर बैठे हैं, लेकिन प्रशासनिक अधिकारी उनकी सुध तक नहीं ले रहे है। प्रधानमंत्री स्वच्छ भारत का सपना देख रहे, परंतु अफसर गांवों से गंदगी साफ नहीं करा रहे है। इस तरह स्वच्छ भारत नहीं बन सकता। चेतावनी दी कि यदि चार दिन में चर्म शोधन इकाइयों को गांव से बाहर स्थानांतरित नहीं किया तो आंदोलन उग्र रूप धारण कर लेगा। इस मौके पर राजेंद्र चौधरी, प्रधान रामनाथ सिंह, प्रधान मनोज पंवार, ग्राम प्रधान पुत्र निश्चय राणा, देवेंद्र प्रधान, नीरज, पप्पू, रमेश सिंह, डॉ. यशपाल, विनोद सिंह, सुनील, संजीव, रणजीत, मास्टर सुखबीर सिंह, प्रेमपाल, सुखपाल, जयबीर, कालूराम आदि रहे।
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भड़ल गांव मेें चर्म शोधन इकाइयों के विरोध में ग्रामीणों का चल रहा धरना छठे दिन भी जारी रहा। क्षेत्र के ग्राम प्रधानों ने धरने पर पहुंचकर समर्थन दिया। बागपत विधायक योगेश धामा ने धरनारत लोगों की समस्या सुनीं और डीएम से मुलाकात कर समाधान कराने का आश्वासन दिया। ग्रामीणों ने प्रशासन को चार दिन का अल्टीमेटम देकर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।
रविवार को धरना स्थल पर पहुंचे विधायक योगेश धामा ने आंदोलनकारी ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने विधायक को बताया कि गांव के बीची बीच चर्म शोधन इकाइयां चल रही है। इनसे निकलने वाले दूषित पानी से बीमारियां फैल रही है। साथ ही भूजल भी दूषित हो गया है। बदबू से ग्रामीण परेशान हैं। इन चर्म शोधन इकाइयों को गांव से बाहर स्थानांतरित किया जाए। विधायक ने कहा डीएम से मिलकर समस्या का समाधान कराया जाएगा। धरने पर क्षेत्र के ग्रामीणों ने पहुंचकर पूर्ण समर्थन दिया। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि छह दिन से ग्रामीण धरने पर बैठे हैं, लेकिन प्रशासनिक अधिकारी उनकी सुध तक नहीं ले रहे है। प्रधानमंत्री स्वच्छ भारत का सपना देख रहे, परंतु अफसर गांवों से गंदगी साफ नहीं करा रहे है। इस तरह स्वच्छ भारत नहीं बन सकता। चेतावनी दी कि यदि चार दिन में चर्म शोधन इकाइयों को गांव से बाहर स्थानांतरित नहीं किया तो आंदोलन उग्र रूप धारण कर लेगा। इस मौके पर राजेंद्र चौधरी, प्रधान रामनाथ सिंह, प्रधान मनोज पंवार, ग्राम प्रधान पुत्र निश्चय राणा, देवेंद्र प्रधान, नीरज, पप्पू, रमेश सिंह, डॉ. यशपाल, विनोद सिंह, सुनील, संजीव, रणजीत, मास्टर सुखबीर सिंह, प्रेमपाल, सुखपाल, जयबीर, कालूराम आदि रहे।
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