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अद्वजगह गुरू शंकराचार्य की जंयती धूमधाम से मनायी
Updated Sun, 22 Apr 2018 01:32 AM IST
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बड़ौत (बागपत)।
सनातन धर्म प्रचारिणी सभा के तत्वावधान में इमली वाले मंदिर मेें शनिवार अर्द्ध जगत गुरू शंकराचार्य की जयंती धूमधाम के साथ मनाई गई।
जयंती कार्यक्रम का शुभारंभ का शंकराचार्य के चित्र पर दीप जलाकर किया। इस अवसर पर उमेश भारद्वाज ने अर्द्ध शंकराचार्य के जीवन पर प्रकाश डाला और कहा कि वे सनातन धर्म के प्रचार प्रसार के लिए भारत के चारों कोनों मेें चार पीठ स्थापित थी। डॉ. सुंदर ने मूर्ति पूजा और ईश्वर के सद्गुण और निर्गुण स्वरूप पर प्रकाश डाला। डॉ. भवानी शंकर ने भगवान परशुराम के धर्म के उत्थान के लिए परशुराम के आवेश अवतार के उद्देश्यों के विषय से अवगत कराया। डॉ. रमेश वशिष्ठ ने सनातन धर्म में मृतक कर्म में आयी विसंगति पर के बारे मेें बताया और कहा कि तेरहवी 13 दिन की ही होनी चाहिए। राजेंद्र भारद्वाज ने शंकराचार्य माधवाश्रम के जीवन पर प्रकाश डाला। अंत मेें भगवान शंकर की आरती कर प्रसाद वितरण किया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता ब्रहम सिंह गोयल ने की। संचालन दीपक गौतम ने किया। इसमेें मंशाराम गर्ग, धर्मप्रकाश वर्मा, सुनील मित्तल, प्रमोद, प्रदीप गुप्ता, सत्यवीर शर्मा, रविंद्र भारद्वाज, माया शर्मा, कृष्ण गोपाल शर्मा आदि उपस्थित रहे।
सनातन धर्म प्रचारिणी सभा के तत्वावधान में इमली वाले मंदिर मेें शनिवार अर्द्ध जगत गुरू शंकराचार्य की जयंती धूमधाम के साथ मनाई गई।
जयंती कार्यक्रम का शुभारंभ का शंकराचार्य के चित्र पर दीप जलाकर किया। इस अवसर पर उमेश भारद्वाज ने अर्द्ध शंकराचार्य के जीवन पर प्रकाश डाला और कहा कि वे सनातन धर्म के प्रचार प्रसार के लिए भारत के चारों कोनों मेें चार पीठ स्थापित थी। डॉ. सुंदर ने मूर्ति पूजा और ईश्वर के सद्गुण और निर्गुण स्वरूप पर प्रकाश डाला। डॉ. भवानी शंकर ने भगवान परशुराम के धर्म के उत्थान के लिए परशुराम के आवेश अवतार के उद्देश्यों के विषय से अवगत कराया। डॉ. रमेश वशिष्ठ ने सनातन धर्म में मृतक कर्म में आयी विसंगति पर के बारे मेें बताया और कहा कि तेरहवी 13 दिन की ही होनी चाहिए। राजेंद्र भारद्वाज ने शंकराचार्य माधवाश्रम के जीवन पर प्रकाश डाला। अंत मेें भगवान शंकर की आरती कर प्रसाद वितरण किया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता ब्रहम सिंह गोयल ने की। संचालन दीपक गौतम ने किया। इसमेें मंशाराम गर्ग, धर्मप्रकाश वर्मा, सुनील मित्तल, प्रमोद, प्रदीप गुप्ता, सत्यवीर शर्मा, रविंद्र भारद्वाज, माया शर्मा, कृष्ण गोपाल शर्मा आदि उपस्थित रहे।