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तीन गांवों के किसानों का कलक्ट्रेट में प्रदर्शन
Updated Fri, 19 Jan 2018 01:01 AM IST
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बागपत। क्षेत्र के गांव फैजपुर निनाना, निवाड़ा और सिसाना के किसानों ने बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा राजस्व विभाग रिकॉर्ड में यूपी के किसानों के नाम दर्ज नहीं होने के कारण उन्हें हरियाणा में अपनी जमीन पर कब्जा नहीं मिल रहा है। उन्होंने एडीएम ने हस्तक्षेप कर राजस्व रिकॉर्ड में नाम दर्ज करने की मांग की है।
बृहस्पतिवार को जनपद के तीनों गांव के दर्जनों किसान कलक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने एडीएम को दिए ज्ञापन में कहा दीक्षित अवार्ड के तहत क्षेत्र के किसानों की सैकड़ों एकड़ भूमि हरियाणा राज्य में चली गई । कुछ भूमि पर हरियाणा के लोगों ने कब्जा कर रखा है और कुछ किसान अपनी भूमि पर फसलों की बुवाई कर रहे हैं, ऐसे दर्जनों किसान हैं जिनके प्रशासन के पास अभिलेख नहीं है। हरियाणा के अफसरों ने अभिलेखों में नाम दर्ज कराने के बाद उन्हें उपलब्ध कराने के लिए वार्ता हुई है। किसान कई बार डीएम और संबंधित विभाग के अफसरों से मिल चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। सर्वे विभाग भी कोई सहयोग नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा सर्वे विभाग के अधिकारियों ने न तो हरियाणा को सूची दी और न ही किसानों को उपलब्ध कराई । विभाग ने भी किसानों को भी सूचना नहीं दी। किसानों ने एडीएम से हस्तक्षेप करके छूटे किसानों के नाम राजस्व अभिलेखों में नाम दर्ज कराकर उन अभिलेखों को हरियाणा प्रशासन को भिजवाने की मांग की है। एडीएम लोकपाल सिंह ने कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसमें रामकिशन, निहाले, सोमनाथ, शिवचरण, माम चंद, चौधरी सरफराज अली, टेकचंद, मंसूर अली, कूडे़ सिंह, कायम अली, जगवीर कश्यप, राजीव, पंकज धामा, चौधरी नगवीर बलबीर, सुल्तान आदि मौजूद रहे।
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बृहस्पतिवार को जनपद के तीनों गांव के दर्जनों किसान कलक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने एडीएम को दिए ज्ञापन में कहा दीक्षित अवार्ड के तहत क्षेत्र के किसानों की सैकड़ों एकड़ भूमि हरियाणा राज्य में चली गई । कुछ भूमि पर हरियाणा के लोगों ने कब्जा कर रखा है और कुछ किसान अपनी भूमि पर फसलों की बुवाई कर रहे हैं, ऐसे दर्जनों किसान हैं जिनके प्रशासन के पास अभिलेख नहीं है। हरियाणा के अफसरों ने अभिलेखों में नाम दर्ज कराने के बाद उन्हें उपलब्ध कराने के लिए वार्ता हुई है। किसान कई बार डीएम और संबंधित विभाग के अफसरों से मिल चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। सर्वे विभाग भी कोई सहयोग नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा सर्वे विभाग के अधिकारियों ने न तो हरियाणा को सूची दी और न ही किसानों को उपलब्ध कराई । विभाग ने भी किसानों को भी सूचना नहीं दी। किसानों ने एडीएम से हस्तक्षेप करके छूटे किसानों के नाम राजस्व अभिलेखों में नाम दर्ज कराकर उन अभिलेखों को हरियाणा प्रशासन को भिजवाने की मांग की है। एडीएम लोकपाल सिंह ने कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसमें रामकिशन, निहाले, सोमनाथ, शिवचरण, माम चंद, चौधरी सरफराज अली, टेकचंद, मंसूर अली, कूडे़ सिंह, कायम अली, जगवीर कश्यप, राजीव, पंकज धामा, चौधरी नगवीर बलबीर, सुल्तान आदि मौजूद रहे।
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