{"_id":"5a5a62494f1c1bb03f8b4ba0","slug":"141515872841-baghpat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"उत्खनन जारी, नहीं मिली कोई बड़ी सफलता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उत्खनन जारी, नहीं मिली कोई बड़ी सफलता
Updated Sun, 14 Jan 2018 01:17 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिनौली (बागपत)।
महाभारतकालीन बताए जाने वाली लाखा मंडप टीले के निकट हिंडन नदी के किनारे पुरातत्व विभाग की ओर से उत्खनन का कार्य शनिवार को तीसरे दिन भी जारी रहा।
इस दौरान उन्हेें अभी तक कोई बड़ी सफलता नहीं मिली। वहीं, उत्खनन की सूचना पर क्षेत्र के लोगों की भीड़ मौके पर बढ़ने लगी है। उल्लेखनीय है कि पुरातत्व संस्थान के निदेशक डा. एसके मंजुल के नेतृत्व में उत्खनन का यह कार्य चल रहा है। शनिवार को भी सुबह होते ही मजदूर खुदाई के कार्य में जुट गए थे। टीम द्वारा जिस जगह को चयनित किया गया, वहीं पर मजदूरों को खुदाई के लिए लगाया गया है। हालांकि कई दिन बीत जाने के बाद भी टीम के हाथ कोई खास वस्तु नहीं मिली है। वहीं, बाहरी लोगों के लिए उत्खनन कार्य क्षेत्र में जाने पर प्रतिबंध लगा रखा है।
विज्ञापन
महाभारतकालीन बताए जाने वाली लाखा मंडप टीले के निकट हिंडन नदी के किनारे पुरातत्व विभाग की ओर से उत्खनन का कार्य शनिवार को तीसरे दिन भी जारी रहा।
इस दौरान उन्हेें अभी तक कोई बड़ी सफलता नहीं मिली। वहीं, उत्खनन की सूचना पर क्षेत्र के लोगों की भीड़ मौके पर बढ़ने लगी है। उल्लेखनीय है कि पुरातत्व संस्थान के निदेशक डा. एसके मंजुल के नेतृत्व में उत्खनन का यह कार्य चल रहा है। शनिवार को भी सुबह होते ही मजदूर खुदाई के कार्य में जुट गए थे। टीम द्वारा जिस जगह को चयनित किया गया, वहीं पर मजदूरों को खुदाई के लिए लगाया गया है। हालांकि कई दिन बीत जाने के बाद भी टीम के हाथ कोई खास वस्तु नहीं मिली है। वहीं, बाहरी लोगों के लिए उत्खनन कार्य क्षेत्र में जाने पर प्रतिबंध लगा रखा है।