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्रद्वालुओं ने माता कात्यायनी की विशेष पूजा-अर्चना की
Updated Wed, 27 Sep 2017 01:20 AM IST
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बड़ौत (बागपत)।
चल रहे नवरात्र पर्व के छठे दिन भक्तों ने उपवास रखकर माता कात्यायनी देवी की पूजा की।
मंगलवार को सुबह से ही भक्तों की मंदिरों मेें भीड़ लगी रही। नगर के पंचवटी मंदिर, वैष्णो माता मंदिर रेलवे स्टेशन, पंचमुखी मंदिर, विश्वकर्मा मंदिर, ठाकुरद्वारा मंदिर, पट्टी चौधरान शिवालय, पंजाबी क्वार्टर में भक्तों ने छठी देवी कात्यायनी की पूजा की। मंदिरों ने पुजारियों ने कात्यायनी देवी पर प्रवचन किया। बताया माता ने अपनी पुत्री स्वरूप से पिता के कुल की रक्षा का संदेश दिए हैं। कात्यायनी ऋषि ने देवी से वरदान मांग की आप पुत्री रूप में मेरे कुल में जन्म लें। देवी ने ऋषि की प्रशंसा के लिए अजन्मा स्वरूप त्याग कर पुत्री रूप में जन्म लिया। सामान्य पुत्री का गौत्र पति से चलता है, लेकिन यहां पर देवी सदा को पिता के गौत्र से जुड़ गयी। इसी कारण देवी का नाम कात्यायनी पड़ा। मंदिरों मेें शामिल के समय महिलाओं ने भजन के आयोजन किए।
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चल रहे नवरात्र पर्व के छठे दिन भक्तों ने उपवास रखकर माता कात्यायनी देवी की पूजा की।
मंगलवार को सुबह से ही भक्तों की मंदिरों मेें भीड़ लगी रही। नगर के पंचवटी मंदिर, वैष्णो माता मंदिर रेलवे स्टेशन, पंचमुखी मंदिर, विश्वकर्मा मंदिर, ठाकुरद्वारा मंदिर, पट्टी चौधरान शिवालय, पंजाबी क्वार्टर में भक्तों ने छठी देवी कात्यायनी की पूजा की। मंदिरों ने पुजारियों ने कात्यायनी देवी पर प्रवचन किया। बताया माता ने अपनी पुत्री स्वरूप से पिता के कुल की रक्षा का संदेश दिए हैं। कात्यायनी ऋषि ने देवी से वरदान मांग की आप पुत्री रूप में मेरे कुल में जन्म लें। देवी ने ऋषि की प्रशंसा के लिए अजन्मा स्वरूप त्याग कर पुत्री रूप में जन्म लिया। सामान्य पुत्री का गौत्र पति से चलता है, लेकिन यहां पर देवी सदा को पिता के गौत्र से जुड़ गयी। इसी कारण देवी का नाम कात्यायनी पड़ा। मंदिरों मेें शामिल के समय महिलाओं ने भजन के आयोजन किए।