{"_id":"59b1a3db4f1c1bb0488b4ae9","slug":"141504814043-baghpat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अतिरिक्त ब्याज किसानों के साथ अन्याय- मुनेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अतिरिक्त ब्याज किसानों के साथ अन्याय- मुनेश
Updated Fri, 08 Sep 2017 01:24 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बड़ौत (बागपत)।
किसान मजदूर उत्थान समिति के तत्वावधान में किसानों का एक प्रतिनिधि मंडल तहसील में एसडीएम से मिला और कहा किसानों पर सहकारी समिति और सोसायटी से ऋण के बतौर जो खाद लिया, अब उस पर बढ़ाकर 12.5 ब्याज थोप दिया है। यह किसानों के साथ अन्याय है।
उत्थान समिति के अध्यक्ष सुरेंद्र उर्फ मुनेश बरवाला के नेतृत्व में किसानों ने तहसील पहुंचकर एसडीएम अरविंद कुमार द्विवेदी को ज्ञापन दिया। किसानों ने कहा पहले सहकारी समिति से जो किसानों ने 1 लाख रुपये के खाद्य ऋण बतौर लिया है। पहले उस पर 3 प्रतिशत का ब्याज लगता था। लेकिन अब बढ़ाकर यदि ऋण जमा नहीं किया तो 7 प्रतिशत का ब्याज लिया जाता। अब 3 के स्थान पर 7 व 7 के स्थान पर 12 प्रतिशत ब्याज लगा दिया गया है। जबकि नियमानुसार पहले उन्हें मौखिक सूचना व नोटिस दिया जाना था। सहकारी समिति ने किसी भी नियम का पालन नहीं गया और चेतावनी दी यदि समस्या का निदान नहीं किया जाता तो किसान उग्र आंदोलन करने पर मजबूर होंगे। एसडीएम ने उन्हें आश्वासन दियाकिसान एक सप्ताह का समय दे। वे सभी सहकारी समिति के अधिकारियों को बुलाकर किसानों से वार्ता कराएंगे। इसमें मुनेश बरवाला के अलावा उपेंद्र प्रधान, राहुल मुखिया, नरेश ठेकेदार, सतेंद्र, जितेंद्र आदि रहे।
विज्ञापन
किसान मजदूर उत्थान समिति के तत्वावधान में किसानों का एक प्रतिनिधि मंडल तहसील में एसडीएम से मिला और कहा किसानों पर सहकारी समिति और सोसायटी से ऋण के बतौर जो खाद लिया, अब उस पर बढ़ाकर 12.5 ब्याज थोप दिया है। यह किसानों के साथ अन्याय है।
उत्थान समिति के अध्यक्ष सुरेंद्र उर्फ मुनेश बरवाला के नेतृत्व में किसानों ने तहसील पहुंचकर एसडीएम अरविंद कुमार द्विवेदी को ज्ञापन दिया। किसानों ने कहा पहले सहकारी समिति से जो किसानों ने 1 लाख रुपये के खाद्य ऋण बतौर लिया है। पहले उस पर 3 प्रतिशत का ब्याज लगता था। लेकिन अब बढ़ाकर यदि ऋण जमा नहीं किया तो 7 प्रतिशत का ब्याज लिया जाता। अब 3 के स्थान पर 7 व 7 के स्थान पर 12 प्रतिशत ब्याज लगा दिया गया है। जबकि नियमानुसार पहले उन्हें मौखिक सूचना व नोटिस दिया जाना था। सहकारी समिति ने किसी भी नियम का पालन नहीं गया और चेतावनी दी यदि समस्या का निदान नहीं किया जाता तो किसान उग्र आंदोलन करने पर मजबूर होंगे। एसडीएम ने उन्हें आश्वासन दियाकिसान एक सप्ताह का समय दे। वे सभी सहकारी समिति के अधिकारियों को बुलाकर किसानों से वार्ता कराएंगे। इसमें मुनेश बरवाला के अलावा उपेंद्र प्रधान, राहुल मुखिया, नरेश ठेकेदार, सतेंद्र, जितेंद्र आदि रहे।
विज्ञापन