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चकबंदी मामले में तहसील मुख्यालय पर धरना दिया
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चकबंदी मामले में तहसील मुख्यालय पर धरना दिया
बड़ौत। चकबंदी विभाग पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए दो भाइयों ने बृहस्पतिवार रात परिवार सहित तहसील में धरना दिया। इसके बाद एसडीएम के आश्वासन पर वे घर चले गए थे। वहीें, उसके विरोधी परिवार के लोग शुक्रवार को तहसील पहुंचे और धरने पर बैठ गए। उन्होंने जमीन की पैमाईश और कब्जे के संबंध मेें सीएम को के नाम ज्ञापन एसडीएम को दिया।
बृहस्पतिवार को बामनौली गांव निवासी किसान कृष्णपाल और उसका भाई सुखपाल चकबंदी में उनकी कृषि भूमि घटाएं जाने और पड़ोसी किसान से जमीन के विवाद में न्याय दिलाने को लेकर परिवार सहित धरने पर बैठ गए थे। उन्होंने 21 जून 2018 को मोबाइल टावर पर चढ़कर विरोध भी किया था। लेकिन उनकी नहीं सुनी। बाद में एसडीएम आशीष कुमार ने आश्वासन दिया कि तो वे धरना समाप्त कर चले गए। शुक्रवार को इसके विरोध में जीत सिंह उसकी पत्नी शिक्षा, बेटे गुलवीर, सलोनी ने भी तहसील पहुंचकर धरना शुरू कर दिया। उनका कहना था कि 11 अप्रैल 2018 को बंदोबस्त न्यायालय ने उनके चक में संशोधन किया था। इसमें 20 जून 2018 को मौके पर जाकर चकबंदी विभाग ने निशानदेही की थी। लेकिन कृष्णपाल और सुक्रमपाल आदि ने मोबाइल टावर चढ़कर प्रशासन पर दबाव बनाया था और कुछ दिन जमीन मेें नहीं घुसने दिया गया था। उन्होंने मांग की कि जो पैमाईश की गई है, उसके विरोध मेें धरना दे रहे हैं। विपक्षी ने उनकी मूलजोत पर हवाई चक बनवा रखा है। उन्होंने सीएम को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को दिया। बाद मेंएसडीएम आशीष कुमार के आश्वासन दिया कि बुधवार को दोनों पक्षों को बुलाकर बातचीत की जाएगी और बीच का हल निकाला जाएगा। इस आश्वासन पर उन्होंने धरना समाप्त कर दिया।
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बड़ौत। चकबंदी विभाग पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए दो भाइयों ने बृहस्पतिवार रात परिवार सहित तहसील में धरना दिया। इसके बाद एसडीएम के आश्वासन पर वे घर चले गए थे। वहीें, उसके विरोधी परिवार के लोग शुक्रवार को तहसील पहुंचे और धरने पर बैठ गए। उन्होंने जमीन की पैमाईश और कब्जे के संबंध मेें सीएम को के नाम ज्ञापन एसडीएम को दिया।
बृहस्पतिवार को बामनौली गांव निवासी किसान कृष्णपाल और उसका भाई सुखपाल चकबंदी में उनकी कृषि भूमि घटाएं जाने और पड़ोसी किसान से जमीन के विवाद में न्याय दिलाने को लेकर परिवार सहित धरने पर बैठ गए थे। उन्होंने 21 जून 2018 को मोबाइल टावर पर चढ़कर विरोध भी किया था। लेकिन उनकी नहीं सुनी। बाद में एसडीएम आशीष कुमार ने आश्वासन दिया कि तो वे धरना समाप्त कर चले गए। शुक्रवार को इसके विरोध में जीत सिंह उसकी पत्नी शिक्षा, बेटे गुलवीर, सलोनी ने भी तहसील पहुंचकर धरना शुरू कर दिया। उनका कहना था कि 11 अप्रैल 2018 को बंदोबस्त न्यायालय ने उनके चक में संशोधन किया था। इसमें 20 जून 2018 को मौके पर जाकर चकबंदी विभाग ने निशानदेही की थी। लेकिन कृष्णपाल और सुक्रमपाल आदि ने मोबाइल टावर चढ़कर प्रशासन पर दबाव बनाया था और कुछ दिन जमीन मेें नहीं घुसने दिया गया था। उन्होंने मांग की कि जो पैमाईश की गई है, उसके विरोध मेें धरना दे रहे हैं। विपक्षी ने उनकी मूलजोत पर हवाई चक बनवा रखा है। उन्होंने सीएम को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को दिया। बाद मेंएसडीएम आशीष कुमार के आश्वासन दिया कि बुधवार को दोनों पक्षों को बुलाकर बातचीत की जाएगी और बीच का हल निकाला जाएगा। इस आश्वासन पर उन्होंने धरना समाप्त कर दिया।
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