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दुखी की सेवा करना ही सबसे बड़ा धर्म -नित्यानंद
Updated Mon, 27 Nov 2017 01:06 AM IST
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बड़ौत (बागपत)।
महावीर स्वामी जैन श्वेतांबर मूर्ति पूजक संघ के तत्वावधान में लोहिया बाजार में नित्यानंद सूरीश्ववर महाराज का 50 वर्ष पूरे होने पर दीक्षा समारोह धूमधाम से मनाया।
इस मौके पर दीक्षा पर आधारित नाटक संयम की कथा नाटक प्रस्तुति जैन भारती मृगावती विद्यालय दिल्ली के विद्यार्थियों ने प्रस्तुत की । 50 वर्ष पहले बड़ौत में ही महाराज नित्यानंद ने सपरिवार दीक्षा ग्रहण की और सांसरिक मोह माया से अपने आप को अलग किया और समाज के उत्थान के लिए परिवार से भी मोह त्यागा । इस अवसर पर नित्यानंद सूरीश्वर महाराज ने कहा दुखी की सेवा करना ही सबसे बड़ा धर्म है और समाज को एक सूत्र में पिरोकर चलने से ही समाज का स्तर ऊंचा उठता है। इस मौके पर वल्लभ स्मारक से पहुंचे 85 बच्चों ने गुरू के जीवन पर नृत्य नाटिका की प्रस्तुति दी। इसमें गुजरात, राजस्थान तथा लुधियाना, जालंधर, दिल्ली रोहिणी आदि के श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इसमें अशोक जैन, संतोष कुमार जैन, जुगमेंद्र जैन, जयभगवान जैन, बबली जैन, सुख माल चंद जैन आदि रहे।
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महावीर स्वामी जैन श्वेतांबर मूर्ति पूजक संघ के तत्वावधान में लोहिया बाजार में नित्यानंद सूरीश्ववर महाराज का 50 वर्ष पूरे होने पर दीक्षा समारोह धूमधाम से मनाया।
इस मौके पर दीक्षा पर आधारित नाटक संयम की कथा नाटक प्रस्तुति जैन भारती मृगावती विद्यालय दिल्ली के विद्यार्थियों ने प्रस्तुत की । 50 वर्ष पहले बड़ौत में ही महाराज नित्यानंद ने सपरिवार दीक्षा ग्रहण की और सांसरिक मोह माया से अपने आप को अलग किया और समाज के उत्थान के लिए परिवार से भी मोह त्यागा । इस अवसर पर नित्यानंद सूरीश्वर महाराज ने कहा दुखी की सेवा करना ही सबसे बड़ा धर्म है और समाज को एक सूत्र में पिरोकर चलने से ही समाज का स्तर ऊंचा उठता है। इस मौके पर वल्लभ स्मारक से पहुंचे 85 बच्चों ने गुरू के जीवन पर नृत्य नाटिका की प्रस्तुति दी। इसमें गुजरात, राजस्थान तथा लुधियाना, जालंधर, दिल्ली रोहिणी आदि के श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इसमें अशोक जैन, संतोष कुमार जैन, जुगमेंद्र जैन, जयभगवान जैन, बबली जैन, सुख माल चंद जैन आदि रहे।
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