{"_id":"59b443154f1c1be67f8b57d5","slug":"131504985877-baghpat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जीवन में चरित्र का सबसे बड़ा महत्व : हनुमंत प्रसाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जीवन में चरित्र का सबसे बड़ा महत्व : हनुमंत प्रसाद
Updated Sun, 10 Sep 2017 01:07 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जीवन में चरित्र का सबसे बड़ा महत्व
दोघट (बागपत)। आर्य निर्मात्री सभा के तत्वाधान में संस्कार विद्यापीठ टीकरी में चल रहे दो दिवसीय वेद ज्ञान और चरित्र निर्माण शिविर में प्रथम दिन उत्तराखंड से आए आचार्य हनुमंत प्रसाद ने कहा कि तरक्की के लिए वेदों का ज्ञान लेना जरूरी है और जीवन में चरित्र ही सब कुछ होता है। वो ही मनुष्य को बुलंदियों पर ले जाता है और वे ही बर्बाद कर देता है। बुरे कर्मों से दूर रह कर सदा ही अच्छे कर्म करने चाहिए । ताकि मनुष्य को विद्वान की श्रेणी में गिना जाने लगे। कार्यक्रम में भजनोपदेशक देवेंद्र आर्य ने अपने भजनों के माध्यम से दर्शकों को भाव विभोर किया। अध्यक्ष सुशील राठी, प्रधानाचार्या सुमन चौधरी, सतवीर राठी, पंकज राठी, देवव्रत राठी, विशाल तोमर, अरुण तोमर मौजूद रहे।
विज्ञापन
दोघट (बागपत)। आर्य निर्मात्री सभा के तत्वाधान में संस्कार विद्यापीठ टीकरी में चल रहे दो दिवसीय वेद ज्ञान और चरित्र निर्माण शिविर में प्रथम दिन उत्तराखंड से आए आचार्य हनुमंत प्रसाद ने कहा कि तरक्की के लिए वेदों का ज्ञान लेना जरूरी है और जीवन में चरित्र ही सब कुछ होता है। वो ही मनुष्य को बुलंदियों पर ले जाता है और वे ही बर्बाद कर देता है। बुरे कर्मों से दूर रह कर सदा ही अच्छे कर्म करने चाहिए । ताकि मनुष्य को विद्वान की श्रेणी में गिना जाने लगे। कार्यक्रम में भजनोपदेशक देवेंद्र आर्य ने अपने भजनों के माध्यम से दर्शकों को भाव विभोर किया। अध्यक्ष सुशील राठी, प्रधानाचार्या सुमन चौधरी, सतवीर राठी, पंकज राठी, देवव्रत राठी, विशाल तोमर, अरुण तोमर मौजूद रहे।