{"_id":"5bfc503abdec22415c7d0971","slug":"121543262266-baghpat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"विधि दिवस पर छात्रों को दी गई विधिक जानकारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विधि दिवस पर छात्रों को दी गई विधिक जानकारी
Updated Tue, 27 Nov 2018 01:27 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमीनगर सराय (बागपत)। कृष्णा कॉलेज ऑफ एजूकेशन में विधि दिवस मनाया गया। विधिक सेवा साक्षरता प्राधिकरण के संरक्षण में विधिक शिविर का आयोजन किया।
मुख्य अतिथि विधि सेवा प्राधिकरण के सचिव प्रेम प्रकाश जायसवाल रहे। उन्होंने दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। छात्रों ने संविधान के विषय पर विचार प्रस्तुत प्रस्तुत किए। प्राधिकरण के सचिव ने विधिक साक्षरता प्राधिकरण के विषय में जानकारी दी। बताया कि किस प्रकार से साधारण जनमानस प्राधिकरण से लाभान्वित हो सकता है। विधिक सहायक बनकर समाज की सहायता कर सकते और न्याय को छोटे बड़े सभी वर्गों तक नि:शुल्क पहुंचा सकते हैं। गरीब तथा आम व्यक्ति के लिए न्याय शुल्क सहित वकील की फीस एवं अन्य सभी आवश्यक वाद व्यय प्राधिकरण वहन करता है। परामर्श एवं सुलह समझौता केंद्रों में संधिकर्ता दल द्वारा समझौता कराया जाता है। मोटर दुर्घटना प्रतिकर के वादों में पीड़ित का मुआवजा, गुमशुदा बच्चों के पीड़ित परिवारों आदि को नि:शुल्क विधिक सहायता दी जाती है। अनुसूचित जाति एवं जनजाति महिलाएं, मानसिक रोगी, प्रकृतिक आपदा से पीड़ित विकलांग, जातीय हिंसा से पीड़ित व्यक्ति विधिक सेवा प्राधिकरण का लाभ उठा सकते हैं। संस्था की निर्देशिका प्रिया नंदनी दीक्षित और प्राचार्य शशिकांत शर्मा ने विचार रखे। विधिक विभाग के एचओडी अंजू कुमार चौहान, शिक्षा विभाग से अनिल कुमार शर्मा, वैशाली, सरोजनी पांडेय, अंजली, कमल गुजराल, मीनाक्षी यादव, पंकज यादव मौजूद रहे।
विज्ञापन
मुख्य अतिथि विधि सेवा प्राधिकरण के सचिव प्रेम प्रकाश जायसवाल रहे। उन्होंने दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। छात्रों ने संविधान के विषय पर विचार प्रस्तुत प्रस्तुत किए। प्राधिकरण के सचिव ने विधिक साक्षरता प्राधिकरण के विषय में जानकारी दी। बताया कि किस प्रकार से साधारण जनमानस प्राधिकरण से लाभान्वित हो सकता है। विधिक सहायक बनकर समाज की सहायता कर सकते और न्याय को छोटे बड़े सभी वर्गों तक नि:शुल्क पहुंचा सकते हैं। गरीब तथा आम व्यक्ति के लिए न्याय शुल्क सहित वकील की फीस एवं अन्य सभी आवश्यक वाद व्यय प्राधिकरण वहन करता है। परामर्श एवं सुलह समझौता केंद्रों में संधिकर्ता दल द्वारा समझौता कराया जाता है। मोटर दुर्घटना प्रतिकर के वादों में पीड़ित का मुआवजा, गुमशुदा बच्चों के पीड़ित परिवारों आदि को नि:शुल्क विधिक सहायता दी जाती है। अनुसूचित जाति एवं जनजाति महिलाएं, मानसिक रोगी, प्रकृतिक आपदा से पीड़ित विकलांग, जातीय हिंसा से पीड़ित व्यक्ति विधिक सेवा प्राधिकरण का लाभ उठा सकते हैं। संस्था की निर्देशिका प्रिया नंदनी दीक्षित और प्राचार्य शशिकांत शर्मा ने विचार रखे। विधिक विभाग के एचओडी अंजू कुमार चौहान, शिक्षा विभाग से अनिल कुमार शर्मा, वैशाली, सरोजनी पांडेय, अंजली, कमल गुजराल, मीनाक्षी यादव, पंकज यादव मौजूद रहे।