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यमुना में चढ़ने लगा पानी, बढने लगी चिंता
Updated Sun, 29 Jul 2018 01:12 AM IST
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बागपत। पहाड़ों पर बारिश और हथिनी कुंड बैराज से लगातार छोड़े जा रहे पानी से यमुना का जलस्तर चढ़ने लगा है। टांडा से लेकर सुभानपुर तक करीब 29 गांव के ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। शनिवार को बैराज से 5.29 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। रविवार को यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच जाने की संभावना है। नदी किनारे बसे जागौस और कोताना गांव के ग्रामीणों ने एहतियात बरतनी शुरू कर दी है।
बागपत सिंचाई विभाग के जेई विकास कुमार ने बताया कि शनिवार शाम तक हथिनी कुंड बैराज से 5.27 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। यह पानी रविवार दोपहर तक बागपत की सीमा तक पहुंचने की संभावना है, इससे यमुना में जलस्तर बढ़ जाएगा। यमुना का जलस्तर वर्तमान में 210 मीटर पर है, जबकि खतरे का निशान 211 मीटर पर है। संभावना यह है कि रविवार को यमुना नदी में पानी खतरे के निशान से ऊपर पहुंच जाएगा। जैसे-जैसे यमुना में पानी चढ़ रहा है, वैसे वैसे नदी किनारे बसे गांवों के ग्रामीणों की चिंता भी बढ़नी शुरू हो गई है। शहर के पक्का घाट के अलावा देहात में यमुना के किनारे पर ग्रामीण स्थिति का जायजा लेने के लिए पहुंच रहे हैं। छपरौली के जागौस और बड़ौत के कोताना गांव यमुना नदी के सबसे ज्यादा नजदीक हैं, इन्हीं गांवों में सबसे अधिक खतरा भी है। टांडा से लेकर सुभानपुर तक जिले के 29 गांव यमुना के किनारे बसे हैं।
डीएम ने ली जानकारी, एसडीएम ने किया भ्रमण
बागपत। डीएम ऋषिरेंद्र कुमार ने जलस्तर की जानकारी ली है। एसडीएम बागपत विवेक कुमार यादव ने यमुना के निवाड़ा पुल सहित बागपत तहसील के सभी गांवों का निरीक्षण किया। एसडीएम ने बताया कि प्रशासन की स्थिति पर नजर है। एसडीएम खेकड़ा आशीष कुमार ने भी अपने क्षेत्र के गांवों का भ्रमण किया। एसडीएम बड़ौत अरविंद कुमार ने भी अपने क्षेत्र में यमुना नदी का जलस्तर देखा। बाढ़ चौकी पर अलर्ट जारी किया गया है।
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बागपत सिंचाई विभाग के जेई विकास कुमार ने बताया कि शनिवार शाम तक हथिनी कुंड बैराज से 5.27 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। यह पानी रविवार दोपहर तक बागपत की सीमा तक पहुंचने की संभावना है, इससे यमुना में जलस्तर बढ़ जाएगा। यमुना का जलस्तर वर्तमान में 210 मीटर पर है, जबकि खतरे का निशान 211 मीटर पर है। संभावना यह है कि रविवार को यमुना नदी में पानी खतरे के निशान से ऊपर पहुंच जाएगा। जैसे-जैसे यमुना में पानी चढ़ रहा है, वैसे वैसे नदी किनारे बसे गांवों के ग्रामीणों की चिंता भी बढ़नी शुरू हो गई है। शहर के पक्का घाट के अलावा देहात में यमुना के किनारे पर ग्रामीण स्थिति का जायजा लेने के लिए पहुंच रहे हैं। छपरौली के जागौस और बड़ौत के कोताना गांव यमुना नदी के सबसे ज्यादा नजदीक हैं, इन्हीं गांवों में सबसे अधिक खतरा भी है। टांडा से लेकर सुभानपुर तक जिले के 29 गांव यमुना के किनारे बसे हैं।
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डीएम ने ली जानकारी, एसडीएम ने किया भ्रमण
बागपत। डीएम ऋषिरेंद्र कुमार ने जलस्तर की जानकारी ली है। एसडीएम बागपत विवेक कुमार यादव ने यमुना के निवाड़ा पुल सहित बागपत तहसील के सभी गांवों का निरीक्षण किया। एसडीएम ने बताया कि प्रशासन की स्थिति पर नजर है। एसडीएम खेकड़ा आशीष कुमार ने भी अपने क्षेत्र के गांवों का भ्रमण किया। एसडीएम बड़ौत अरविंद कुमार ने भी अपने क्षेत्र में यमुना नदी का जलस्तर देखा। बाढ़ चौकी पर अलर्ट जारी किया गया है।
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