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जिला अस्पताल में तड़पती रही गर्भवती
Updated Mon, 04 Jun 2018 12:05 AM IST
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बागपत। जिला अस्पताल में गर्भवती महिला आठ घंटे तक प्रसव पीड़ा से तड़पती रही, लेकिन महिला चिकित्सक नहीं आई। परिजनों ने हंगामा किया तो नर्स ने उन्हें प्राइवेट अस्पताल ले जाने को कह दिया। हालत बिगड़ने पर परिजन महिला को निजी अस्पताल ले गए।
सिसाना गांव निवासी विपिन की पत्नी रूचिका को रविवार सुबह प्रसव पीड़ा के बाद परिजन सुबह छह बजे जिला अस्पताल लेकर पहुंच गए। उसे अस्पताल में भर्ती भी करा दिया, लेकिन परिजनों का आरोप है कि आठ घंटे तक किसी ने महिला की सुध नहीं ली। परिजन महिला चिकित्सक को बुलाने के लिए कहते रहे, लेकिन महिला चिकित्सक नहीं आई। परिजनों ने हंगामा किया। स्टाप नर्स से उनकी नोक झोंक हुई। महिला चिकित्सक नहीं पहुंची तो स्टाफ नर्स ने परिजनों से महिला को प्राइवेट अस्पताल ले जाने को कहा। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे निजी अस्पताल ले गए। सीएमएस डॉ. बीएलएस कुशवाह ने बताया कि रविवार की छुट्टी होने के कारण चिकित्सक घर चले जाते हैं। अस्पताल में स्टाफ नर्स की ड्यूटी लगाई गई। गर्भवती महिला को भर्ती किया। उसके प्रसव में समय था। परिजन स्वयं ही उसे अस्पताल से लेकर चले गए। जिला अस्पताल प्रबंधन की इसमें कोई चूक नहीं है।
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सिसाना गांव निवासी विपिन की पत्नी रूचिका को रविवार सुबह प्रसव पीड़ा के बाद परिजन सुबह छह बजे जिला अस्पताल लेकर पहुंच गए। उसे अस्पताल में भर्ती भी करा दिया, लेकिन परिजनों का आरोप है कि आठ घंटे तक किसी ने महिला की सुध नहीं ली। परिजन महिला चिकित्सक को बुलाने के लिए कहते रहे, लेकिन महिला चिकित्सक नहीं आई। परिजनों ने हंगामा किया। स्टाप नर्स से उनकी नोक झोंक हुई। महिला चिकित्सक नहीं पहुंची तो स्टाफ नर्स ने परिजनों से महिला को प्राइवेट अस्पताल ले जाने को कहा। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे निजी अस्पताल ले गए। सीएमएस डॉ. बीएलएस कुशवाह ने बताया कि रविवार की छुट्टी होने के कारण चिकित्सक घर चले जाते हैं। अस्पताल में स्टाफ नर्स की ड्यूटी लगाई गई। गर्भवती महिला को भर्ती किया। उसके प्रसव में समय था। परिजन स्वयं ही उसे अस्पताल से लेकर चले गए। जिला अस्पताल प्रबंधन की इसमें कोई चूक नहीं है।
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