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सोशल ऑडिट की टीम को कब्रिस्तान में लगे नहीं मिले पेड़
Updated Mon, 09 Apr 2018 01:16 AM IST
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बागपत। सोशल ऑडिट की टीम को मनरेगा से होने वाले कार्यों में गड़बड़ी मिली है। अभिलेख तक नहीं दिए गए, जमीन पर भी कार्य नहीं मिला। निरीक्षण के दौरान टीम को कब्रिस्तान में एक भी पेड़ नहीं मिला। एक गांव में मजदूरों के जॉब कार्ड को प्रधान ने अपने कब्जे में कर रखा है। सोशल ऑडिट की टीम ने अफसरों को रिपोर्ट सौंप दी है।
मार्च माह में सोशल ऑडिट की टीम ने कई गांवों मनरेगा से होने वाले कार्यों की जांच पड़ताल की थी। हर गांव में टीम को विकास कार्यों के अभिलेख नहीं दिए गए है। कई गांवों में जमीन पर विकास कार्य नहीं मिला। छपरौली क्षेत्र के एक गांव निवासी मनरेगा मजदूर उम्मेद, राजकुमारी, संजय, सोहनपाल, विनोद ने टीम को बताया कि उनके जॉब कार्ड प्रधान के पास है। वहीं बागपत ब्लॉक के एक गांव में टीम ने निरीक्षण किया, जिसमें उन्हें काफी कमियां मिली। यहां पर कब्रिस्तान में छह दिन तक कार्य किया गया है। टीम को कब्रिस्तान में एक भी पेड़ लगा नहीं मिला। विकास कार्यों का एक भी अभिलेख नहीं दिखाया गया। वहीं बली, बिहारीपुर, गाधी, खेड़ा इस्लामपुर, अहैड़ा, बुढैडा, फतेहपुर पुट्ठी, क्यामपुर में भी सोशल ऑडिट के दौरान विभिन्न कमियां मिली थी। विकास कार्यों में मिली कमियों के कारण बागपत बीडीओ को परियोजना निदेशक ने नोटिस तक जारी किया हुआ है। कार्य में सुधार न करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। वहीं टीम ने भी अपनी रिपोर्ट डीडीओ को सौंप दी है।
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मार्च माह में सोशल ऑडिट की टीम ने कई गांवों मनरेगा से होने वाले कार्यों की जांच पड़ताल की थी। हर गांव में टीम को विकास कार्यों के अभिलेख नहीं दिए गए है। कई गांवों में जमीन पर विकास कार्य नहीं मिला। छपरौली क्षेत्र के एक गांव निवासी मनरेगा मजदूर उम्मेद, राजकुमारी, संजय, सोहनपाल, विनोद ने टीम को बताया कि उनके जॉब कार्ड प्रधान के पास है। वहीं बागपत ब्लॉक के एक गांव में टीम ने निरीक्षण किया, जिसमें उन्हें काफी कमियां मिली। यहां पर कब्रिस्तान में छह दिन तक कार्य किया गया है। टीम को कब्रिस्तान में एक भी पेड़ लगा नहीं मिला। विकास कार्यों का एक भी अभिलेख नहीं दिखाया गया। वहीं बली, बिहारीपुर, गाधी, खेड़ा इस्लामपुर, अहैड़ा, बुढैडा, फतेहपुर पुट्ठी, क्यामपुर में भी सोशल ऑडिट के दौरान विभिन्न कमियां मिली थी। विकास कार्यों में मिली कमियों के कारण बागपत बीडीओ को परियोजना निदेशक ने नोटिस तक जारी किया हुआ है। कार्य में सुधार न करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। वहीं टीम ने भी अपनी रिपोर्ट डीडीओ को सौंप दी है।
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