{"_id":"5a4be2ed4f1c1b1f168b68b9","slug":"121514922733-baghpat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बीएसए और सांकल पुट्ठी के शिक्षक आमने सामने आए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बीएसए और सांकल पुट्ठी के शिक्षक आमने सामने आए
Updated Wed, 03 Jan 2018 01:25 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चांदीनगर (बागपत)। बीएसए और सांकल पुट्ठी गांव के स्कूल के शिक्षक आमने-सामने आ गए हैं। हेड मास्टर और शिक्षिका का आरोप है कि स्कूल से बच्चे को निकालने की शिकायत पर जांच करने पहुंचे बीएसए ने उनके साथ अभद्रता की। एसपी ने मामले को गंभीरता से लेकर चांदीनगर पुलिस को जांच करने के निर्देश दिए। मंगलवार को पुलिस ने गांव में पहुंचकर कई लोगों के बयान दर्ज किए। उधर बीएसए ने कहा उन पर लगाए गए आरोप गलत हैं। मानवाधिकार आयोग तक भी मामले की शिकायत पहुंची है।
सांकल पुट्ठी गांव के प्राथमिक विद्यालय नंबर एक में एक छात्र को स्कूल से निकालने की शिकायत पर बीएसए योगराज सिंह जांच करने 20 नवंबर 2017 को स्कूल में पहुंचे । इस मामले में बीएसए ने स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की । इस मामले में स्कूल स्टाफ और बीएसए आमने-सामने आ गए है। स्कूल की शिक्षिका दीपा रानी ने बताया कि उसने प्रकरण की शिकायत मानवाधिकार आयोग से की। जाति सूचक शब्दों और अभद्रता करने का आरोप लगाते हुए सोमवार को एसपी दफ्तर में शिकायत की । पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश ने मामले को गंभीरता से लेकर चांदीनगर पुलिस को जांच करने के निर्देश दिए । मंगलवार को चांदीनगर पुलिस ने गांव में पहुंचकर जांच की और कई लोगों के बयान दर्ज किए। चांदीनगर थाना प्रभारी राजेश भारती ने कहा कि बयान दर्ज किए हैं। जांच जारी है।
किसने क्या कहा...
शिकायत कर्ता शिक्षिका दीपा रानी का कहना है कि बीएसए ने स्कूल में पहुंचकर उससे जातिसूचक शब्द करते हुए अभद्रता की। बीएसए जिस शिकायत की जांच करने के लिए आए थे, उसके बारे में तो कोई भी पूछताछ तक नहीं की।
विज्ञापन
स्कूल के हेड मास्टर भोलेराम का कहना है कि बीएसए ने बेवजह उनके साथ बदसलूकी की है। उनकी अभद्रता के कारण आत्महत्या का विचार भी मन में आया। किसी तरह अपने आपको रोका। उसके साथ जो हुआ, इसकी पुलिस जानकारी पुलिस को दे दी है।
बीएसए योगराज सिंह का कहना है कि स्कूल से एक छात्र को निकाला था। उसके परिजनों की शिकायत पर स्कूल में जांच करने के लिए गए थे। जांच में हेड मास्टर और शिक्षिका की गलती मिलने पर उनकी वेतन वृद्धि रोक दी । इससे क्षुब्ध होकर उनके खिलाफ शिक्षिका ने शिकायत की है। उन पर लगाए आरोप गलत हैं।
विज्ञापन
सांकल पुट्ठी गांव के प्राथमिक विद्यालय नंबर एक में एक छात्र को स्कूल से निकालने की शिकायत पर बीएसए योगराज सिंह जांच करने 20 नवंबर 2017 को स्कूल में पहुंचे । इस मामले में बीएसए ने स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की । इस मामले में स्कूल स्टाफ और बीएसए आमने-सामने आ गए है। स्कूल की शिक्षिका दीपा रानी ने बताया कि उसने प्रकरण की शिकायत मानवाधिकार आयोग से की। जाति सूचक शब्दों और अभद्रता करने का आरोप लगाते हुए सोमवार को एसपी दफ्तर में शिकायत की । पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश ने मामले को गंभीरता से लेकर चांदीनगर पुलिस को जांच करने के निर्देश दिए । मंगलवार को चांदीनगर पुलिस ने गांव में पहुंचकर जांच की और कई लोगों के बयान दर्ज किए। चांदीनगर थाना प्रभारी राजेश भारती ने कहा कि बयान दर्ज किए हैं। जांच जारी है।
विज्ञापन
किसने क्या कहा...
शिकायत कर्ता शिक्षिका दीपा रानी का कहना है कि बीएसए ने स्कूल में पहुंचकर उससे जातिसूचक शब्द करते हुए अभद्रता की। बीएसए जिस शिकायत की जांच करने के लिए आए थे, उसके बारे में तो कोई भी पूछताछ तक नहीं की।
विज्ञापन
स्कूल के हेड मास्टर भोलेराम का कहना है कि बीएसए ने बेवजह उनके साथ बदसलूकी की है। उनकी अभद्रता के कारण आत्महत्या का विचार भी मन में आया। किसी तरह अपने आपको रोका। उसके साथ जो हुआ, इसकी पुलिस जानकारी पुलिस को दे दी है।
बीएसए योगराज सिंह का कहना है कि स्कूल से एक छात्र को निकाला था। उसके परिजनों की शिकायत पर स्कूल में जांच करने के लिए गए थे। जांच में हेड मास्टर और शिक्षिका की गलती मिलने पर उनकी वेतन वृद्धि रोक दी । इससे क्षुब्ध होकर उनके खिलाफ शिक्षिका ने शिकायत की है। उन पर लगाए आरोप गलत हैं।