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सरौरा के किसानों का नहीं हुआ कर्ज माफ
Updated Fri, 08 Dec 2017 01:02 AM IST
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दोघट (बागपत)। तवेला गढ़ी गांव का मजरा सरौरा में एक भी किसान का कर्ज माफी नहीं किया। इससे किसानों में आक्रोश व्याप्त है। किसानों ने कहा कर्ज माफी का लाभ उन्हें भी मिलना चाहिए।
बागपत, मुजफ्फरनगर और मेरठ जनपदों की सीमा पर बसे सरौरा गांव के किसानों के मेरठ जनपद के मुल्हेड़ा गांव स्थित सिंडिकेट बैंक शाखा में खाते हैं। वहीं इन्ही किसानों के किसान सेवा सहकारी समिति दाहा में भी खाते हैं। गांव के एक सौ के लगभग किसानों ने बैंक से कर्ज लिया हुआ है। पिछले दिनों प्रदेश सरकार ने किसानों के कर्ज माफ किए, लेकिन सरौरा के एक भी किसान का कर्ज माफी नहीं किया। किसानों ने कहा शासन-प्रशासन गांव सरौरा के किसानों के साथ भेदभाव कर रहा है। बागपत जनपद के सभी गांव में किसानों के कर्ज माफ किए हैं, एक सरौरा ही बचा है, इसमें एक भी किसान का कर्ज माफ नहीं हुआ है। ग्रामीण रविंद्र, राजबीर, ब्रजपाल, संदीप, बलबीर, प्रदीप, राजेंद्र, रोहताश, महेश, तेजपाल, चंद्रपाल ने डीएम से हस्तक्षेप कर पात्र किसानों का कर्ज माफ कराने की मांग की।
दूसरी तरफ सरौरा गांव के किसानों ने डीएम को शिकायती पत्र सौंपा। बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट पहुंचे सरौरा के गांव लोगों ने डीएम को बताया कि छोटे-छोटे काश्तकार हैं। खेती से अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। क्रेडिट कार्ड पर फसली ऋण लिया हुआ है। इस सीजन में फसल अच्छी नहीं हो पाई है। जिस कारण लोन को चुकाने में परेशानी हो रही है। सरकार ने ऋण मोचन योजना चलाई , इसमें वह पात्र है। उन्हें योजना से बाहर किया, क्योंकि उनका बैंक मेरठ जनपद के मुल्हैडा गांव में है। यह गांव सरौरा से ही जुड़ा हुआ है। किसानों ने डीएम से योजना के तहत बैंक से जानकारी लेकर उनका सभी ऋण माफ किया जाए। डीएम भवानी सिंह खंगारौत ने उन्हें जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया। हरिओम, भानु प्रताप, विक्रम सिंह, राजी तोमर, चंद्रपाल, रामभूल, महेश, रोहताश, सौरण, रविंद्र मौजूद रहे।
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बागपत, मुजफ्फरनगर और मेरठ जनपदों की सीमा पर बसे सरौरा गांव के किसानों के मेरठ जनपद के मुल्हेड़ा गांव स्थित सिंडिकेट बैंक शाखा में खाते हैं। वहीं इन्ही किसानों के किसान सेवा सहकारी समिति दाहा में भी खाते हैं। गांव के एक सौ के लगभग किसानों ने बैंक से कर्ज लिया हुआ है। पिछले दिनों प्रदेश सरकार ने किसानों के कर्ज माफ किए, लेकिन सरौरा के एक भी किसान का कर्ज माफी नहीं किया। किसानों ने कहा शासन-प्रशासन गांव सरौरा के किसानों के साथ भेदभाव कर रहा है। बागपत जनपद के सभी गांव में किसानों के कर्ज माफ किए हैं, एक सरौरा ही बचा है, इसमें एक भी किसान का कर्ज माफ नहीं हुआ है। ग्रामीण रविंद्र, राजबीर, ब्रजपाल, संदीप, बलबीर, प्रदीप, राजेंद्र, रोहताश, महेश, तेजपाल, चंद्रपाल ने डीएम से हस्तक्षेप कर पात्र किसानों का कर्ज माफ कराने की मांग की।
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दूसरी तरफ सरौरा गांव के किसानों ने डीएम को शिकायती पत्र सौंपा। बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट पहुंचे सरौरा के गांव लोगों ने डीएम को बताया कि छोटे-छोटे काश्तकार हैं। खेती से अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। क्रेडिट कार्ड पर फसली ऋण लिया हुआ है। इस सीजन में फसल अच्छी नहीं हो पाई है। जिस कारण लोन को चुकाने में परेशानी हो रही है। सरकार ने ऋण मोचन योजना चलाई , इसमें वह पात्र है। उन्हें योजना से बाहर किया, क्योंकि उनका बैंक मेरठ जनपद के मुल्हैडा गांव में है। यह गांव सरौरा से ही जुड़ा हुआ है। किसानों ने डीएम से योजना के तहत बैंक से जानकारी लेकर उनका सभी ऋण माफ किया जाए। डीएम भवानी सिंह खंगारौत ने उन्हें जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया। हरिओम, भानु प्रताप, विक्रम सिंह, राजी तोमर, चंद्रपाल, रामभूल, महेश, रोहताश, सौरण, रविंद्र मौजूद रहे।
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