{"_id":"59fe12404f1c1b60678b9367","slug":"121509823040-baghpat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीडब्ल्यूसी ने रूकवाया बाल विवाह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीडब्ल्यूसी ने रूकवाया बाल विवाह
Updated Sun, 05 Nov 2017 01:06 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बागपत। बिनौली क्षेत्र के एक गांव में रविवार (आज) एक नाबालिग लड़की का विवाह होना था। इसकी शिकायत मिलने ही सीडब्ल्यूसी ने शनिवार को टीम भेजकर विवाह रुकवा दिया। टीम ने लड़की के परिजनों को सख्त हिदायत दी।
डीएम भवानी सिंह खंगारौत ने जनपद में बाल विवाह और बाल उत्पीड़न रोकने के खिलाफ मुहिम चलाई हुई है। इस कारण लोग भी बाल विवाह जैसी कुरीति के खिलाफ शिकायत करने के लिए सामने आने लगे हैं। बिनौली क्षेत्र के एक गांव में नाबालिग लड़की का विवाह पांच नवंबर को परिजनों द्वारा करने की शिकायत न्यायपीठ सीडब्ल्यूसी के पास पहुंची । इस पर न्यायपीठ के न्याय प्राधिकारी राजीव यादव, डॉ. कुलदीप त्यागी और मालती शर्मा ने जिला बाल संरक्षण अधिकारी को इस बाल विवाह को रुकवाने के निर्देश दिए। शनिवार को महिला एवं बाल उत्पीड़न रोकने वाली टीम की सदस्य रीता यादव, खुशनसीब और रश्मि ने बिनौली पुलिस के साथ लड़की के घर पर जाकर जांच की। जांच में शिकायत सही मिली और लड़की की उम्र 15 वर्ष निकली। टीम ने लड़की के परिजनों को बाल विवाह नहीं करने की हिदायत दी। उन्होंने लड़की के परिजनों और ग्राम प्रधान से लड़की के बालिग होने पर ही विवाह करने का लिखित शपथ पत्र लिया। पुलिस ने नाबालिग का विवाह करने पर कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।
विज्ञापन
डीएम भवानी सिंह खंगारौत ने जनपद में बाल विवाह और बाल उत्पीड़न रोकने के खिलाफ मुहिम चलाई हुई है। इस कारण लोग भी बाल विवाह जैसी कुरीति के खिलाफ शिकायत करने के लिए सामने आने लगे हैं। बिनौली क्षेत्र के एक गांव में नाबालिग लड़की का विवाह पांच नवंबर को परिजनों द्वारा करने की शिकायत न्यायपीठ सीडब्ल्यूसी के पास पहुंची । इस पर न्यायपीठ के न्याय प्राधिकारी राजीव यादव, डॉ. कुलदीप त्यागी और मालती शर्मा ने जिला बाल संरक्षण अधिकारी को इस बाल विवाह को रुकवाने के निर्देश दिए। शनिवार को महिला एवं बाल उत्पीड़न रोकने वाली टीम की सदस्य रीता यादव, खुशनसीब और रश्मि ने बिनौली पुलिस के साथ लड़की के घर पर जाकर जांच की। जांच में शिकायत सही मिली और लड़की की उम्र 15 वर्ष निकली। टीम ने लड़की के परिजनों को बाल विवाह नहीं करने की हिदायत दी। उन्होंने लड़की के परिजनों और ग्राम प्रधान से लड़की के बालिग होने पर ही विवाह करने का लिखित शपथ पत्र लिया। पुलिस ने नाबालिग का विवाह करने पर कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।
विज्ञापन