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जनता की बारी, एक महीने में तय होगा बागपत का 14वां सांसद

Mon, 11 Mar 2019 01:23 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 11 Mar 2019 01:23 AM IST
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जनता की बारी, एक महीने में तय होगा बागपत का 14वां सांसद
बागपत। बागपत लोकसभा सीट पर लोकसभा चुनाव 2019 में पहले चरण में मतदान होगा। यानि सिर्फ एक महीने बाद बागपत के 14वें सांसद का फैसला हो जाएगा। आचार संहिता लगते ही राजनीतिक दलों की सक्रियता भी तेज हो गई है। पहले चरण के नामांकन में कम समय है, इस वजह से जल्द ही टिकट की घोषणा भी की जा सकती है।
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बागपत लोकसभा से साल 1967 में निर्दलीय आरएस शास्त्री ने जीत दर्ज की। वह बागपत के पहले सांसद थे। इस बार बागपत में पहले चरण में ही चुनाव होगा, यानि यहां पर मतदान 11 अप्रैल को होना तय है। अगले एक महीने में जिले के 14वें सांसद का फैसला हो जाएगा। जनप्रतिनिधियों के अपने-अपने दावे हैं, लेकिन एक महीने में जनता तय करेगी कि किसे जितना है। आचार संहिता लगते ही राजनीतिक दलों की सक्रियता बढ़ गई। कई जगह बैठकों का दौर चला और तैयारियां की गई। रालोद के टिकट के एलान की औपचारिकता बाकी है, जबकि भाजपा मैदान में किसे उतारेगी इस पर सभी की निगाह भी टिकी हुई है।
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कब कौन रहा सांसद
1967 आरएस शास्त्री
1971 रामचंद्र विकल
1977 चौधरी चरण सिंह
1980 चौधरी चरण सिंह
1984 चौधरी चरण सिंह
1989 चौधरी अजित सिंह
1991 चौधरी अजित सिंह
1996 चौधरी अजित सिंह
1998 सोमपाल शास्त्री
1999 चौधरी अजित सिंह
2004 चौधरी अजित सिंह
2009 चौधरी अजित सिंह
2014 डॉ सत्यपाल सिंह


चौधरी चरण सिंह की तीसरी पीढ़ी
बागपत। पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह की तीसरी पीढ़ी इस बार यहां से चुनाव लड़ेंगे। रालोद अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह मुजफ्फरनगर सीट से चुनाव लड़ेंगे, पहली बार वह बागपत के अलावा किसी सीट से मैदान में उतरेंगे। रालोद उपाध्यक्ष जयंत चौधरी यहां से चुनाव लड़ेंगे।
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गठबंधन के समीकरण का क्या जवाब देगी भाजपा
बागपत। साल 2014 के लोकसभा चुनाव पर मुजफ्फरनगर दंगे और मोदी लहर का साफ असर नजर आया था। यहां से सांसद बनें डॉ सत्यपाल सिंह ने 423475 लाख वोट हासिल किए थे। जबकि यहां पर सपा, रालोद और बसपा क्रमश : दूसरे, तीसरे और चौथे स्थान पर रही थी। इन तीनों का इस बार गठबंधन हो चुका है। लोकसभा चुनाव 2014 की ही बात करें तो तीनों के कुल वोट 554868 लाख थे। यानि गठबंधन की लिहाज से देखें तो भाजपा के सामने इस बार कड़ी चुनौती होगी।
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