{"_id":"5b4a54034f1c1b46748b4c77","slug":"11531597827-baghpat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"लोक अदालत में 2157 मामलों का निस्तारण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लोक अदालत में 2157 मामलों का निस्तारण
Updated Sun, 15 Jul 2018 01:20 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बागपत। दीवानी न्यायालय परिसर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बागपत के तत्वावधान में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसमें बैंक ऋण, पारिवारिक वाद, सड़क दुर्घटना से संबंधित 2157 मामलों का निस्तारण किया गया।
जिला जज उपेंद्र कुमार ने दीप प्रज्जवलित कर लोक अदालत का शुभारंभ किया। समर पाल बालियान प्रधान न्यायधीश परिवार न्यायालय बागपत एवं काउंसलर सुशीला तोमर के सहयोग से दंपति गुडिया एवं सतवीर ने पुन: एक साथ जीवन व्यतीत करने का फैसला किया। सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बागपत प्रेम प्रकाश जायसवाल ने बताया कि लोक अदालत में पक्षकारों ने आपस में सुलह समझौते के आधार पर वाद का निस्तारण किया। बैंक ऋण संबंधित 82, शमनीय आपराधिक एवं विद्युत वाद 639, सड़क दुर्घटना प्रतिकर याचिकाएं व बीमा दावे के प्रकरणों में 11, पारिवारिक वाद 22, राजस्व न्यायालयों एवं अन्य विभाग के 1340, मोबाइल व टेलीफोन एवं अन्य 63 वाद का निस्तारण किया । लोक अदालत में 2157 मामलों का निस्तारण हुआ। इस मौके पर जज रमेश चंद दिवाकर, मनु कालिया, शक्ति पुत्र तोमर, आबिद शमीम, मिताली गोविंद राव, निशांत मान, किरण गौड़, शारिब अली, शोभित बंसल, देव सरोहा एवं अधिवक्ता उपस्थित रहे।
विज्ञापन
जिला जज उपेंद्र कुमार ने दीप प्रज्जवलित कर लोक अदालत का शुभारंभ किया। समर पाल बालियान प्रधान न्यायधीश परिवार न्यायालय बागपत एवं काउंसलर सुशीला तोमर के सहयोग से दंपति गुडिया एवं सतवीर ने पुन: एक साथ जीवन व्यतीत करने का फैसला किया। सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बागपत प्रेम प्रकाश जायसवाल ने बताया कि लोक अदालत में पक्षकारों ने आपस में सुलह समझौते के आधार पर वाद का निस्तारण किया। बैंक ऋण संबंधित 82, शमनीय आपराधिक एवं विद्युत वाद 639, सड़क दुर्घटना प्रतिकर याचिकाएं व बीमा दावे के प्रकरणों में 11, पारिवारिक वाद 22, राजस्व न्यायालयों एवं अन्य विभाग के 1340, मोबाइल व टेलीफोन एवं अन्य 63 वाद का निस्तारण किया । लोक अदालत में 2157 मामलों का निस्तारण हुआ। इस मौके पर जज रमेश चंद दिवाकर, मनु कालिया, शक्ति पुत्र तोमर, आबिद शमीम, मिताली गोविंद राव, निशांत मान, किरण गौड़, शारिब अली, शोभित बंसल, देव सरोहा एवं अधिवक्ता उपस्थित रहे।
विज्ञापन