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र्दू मोहब्बत का पैगाम देने वाली भाषा : डॉ. युसूफ
Updated Fri, 10 Nov 2017 12:46 AM IST
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बागपत। शहर की माता कॉलोनी में शायर अल्लामा इकबाल के जन्म दिवस को राष्ट्रीय उर्दू दिवस के रूप में मनाया गया। इसमें अल्पसंख्यक अधिकार परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. युसूफ चौधरी मुख्य अतिथि रहे।
बृहस्पतिवार को माता कॉलोनी में आयोजित कार्यक्रम में उर्दू के प्रशंसकों ने शिरकत की। डॉ. युसूफ चौधरी ने कहा कि हमारे देश में उर्दू भाषा की दयनीय स्थिति जो चिंता का विषय है। मोहब्बत का पैगाम देने वाली इस भाषा के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। प्रत्येक शब्द में तहजीब झलकती है। गजल हो या शायरी सभी में उर्दू शब्दों का इस्तेमाल होता है, फिर भी उपेक्षा का शिकार है। इसके लिए भाषा के प्रेमियों को आगे आना होगा। महासचिव डॉ. शकील अहमद ने कहा अल्लामा इकबाल के जीवन पर रोशनी डाली और केंद्र सरकार से मांग रखी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उर्दू यूनिवर्सिटी बनाई जाए, इसमें इस भाषा की अच्छी से हर वर्ग के लोग तालीम ले सके। शायर फानू कुरैशी ने अल्लामा इकबाल का शेर सुनाया। इसमें दूर दराज से पहुंचे कवियों और शायरों ने अपनी-अपनी गजल और शायरी प्रस्तुत की। इसमें डॉ. इकबाल अहमद गनी, सलीमुद्दीन, मोहम्मद आलीम, हैदर मुस्तफा, युसूफ, इसरार राणा, रमन कुमार, हासिम अहमद अब्बासी, मेहंदी हसन, फुरकान, बब्बू सिद्दीकी, इशाक चौधरी, मुकीम, बाबू, गुड्डू आदि मौजूद रहे।
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बृहस्पतिवार को माता कॉलोनी में आयोजित कार्यक्रम में उर्दू के प्रशंसकों ने शिरकत की। डॉ. युसूफ चौधरी ने कहा कि हमारे देश में उर्दू भाषा की दयनीय स्थिति जो चिंता का विषय है। मोहब्बत का पैगाम देने वाली इस भाषा के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। प्रत्येक शब्द में तहजीब झलकती है। गजल हो या शायरी सभी में उर्दू शब्दों का इस्तेमाल होता है, फिर भी उपेक्षा का शिकार है। इसके लिए भाषा के प्रेमियों को आगे आना होगा। महासचिव डॉ. शकील अहमद ने कहा अल्लामा इकबाल के जीवन पर रोशनी डाली और केंद्र सरकार से मांग रखी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उर्दू यूनिवर्सिटी बनाई जाए, इसमें इस भाषा की अच्छी से हर वर्ग के लोग तालीम ले सके। शायर फानू कुरैशी ने अल्लामा इकबाल का शेर सुनाया। इसमें दूर दराज से पहुंचे कवियों और शायरों ने अपनी-अपनी गजल और शायरी प्रस्तुत की। इसमें डॉ. इकबाल अहमद गनी, सलीमुद्दीन, मोहम्मद आलीम, हैदर मुस्तफा, युसूफ, इसरार राणा, रमन कुमार, हासिम अहमद अब्बासी, मेहंदी हसन, फुरकान, बब्बू सिद्दीकी, इशाक चौधरी, मुकीम, बाबू, गुड्डू आदि मौजूद रहे।
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