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खेकड़ा सीएचसी में लगी आग, पांच लाख का सामान जला
Updated Sat, 27 Oct 2018 12:36 AM IST
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खेकड़ा (बागपत)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बिजली वायरिंग से निकली चिंगारी से स्टोर रूम में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। मरीजों के बीच हडक़ंप मच गया। सैंकड़ों लोग मौके पर जमा हो गए। दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और किसी तरह आग पर काबू पाया। प्रभारी सीएचसी अधीक्षक डॉ आमिर खान का कहना है कि लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने ही बिजली का खंभा है। यहां से केबिल के माध्यम से बिजली की सप्लाई सीएचसी में होती है। केबिल खराब होने से इसमें आए दिन फॉल्ट रहता था और चिंगारी उठती थी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से लिखित में पत्र देकर उर्जा निगम से केबिल बदलवाने की मांग रखी गई थी, लेकिन आरोप है कि निगम ने केबिल नहीं बदला। शुक्रवार रात करीब पौने आठ बजे सीएचसी की वायरिंग में चिंगारी से सीएचसी के स्टोर में आग लग गई। आग ने धीरे-धीरे विकराल रूप धारण कर लिया। अस्पताल में मौजूद स्वास्थ्यकर्मी रूपेंद्र और धर्मेंद्र ने आग देखी तो प्रभारी सीएचसी अधीक्षक को सूचना दी। आग से धुआं ही धुआं हो गया। कसबे के लोग भी मौके पर पहुंचे। स्वास्थ्यकर्मियों ने दमकल विभाग को जानकारी दी। स्वास्थ्यकर्मियों और दमकल विभाग ने करीब एक घंटे की मशक्कत से आग पर काबू पाया। आग से करीब पांच लाख रुपये के नुकसान का अनुमान बताया जा रहा है। सीएचसी अधीक्षक का कहना है कि अभी सूची तैयार की जाएगी।
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अस्पताल में धुआं ही धुआं, स्वास्थ्यकर्मियों ने बचाए मरीज
खेकड़ा। आग लगने के बाद सीएचसी में धुआं ही धुआं हो गया। इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्यकर्मियों ने किसी तरह मरीजों को सुरक्षित निकालकर दूसरे कक्षों में शिफ्ट किया। कसबे के लोगों ने भी स्वास्थ्यकर्मियों की मदद की। बीमार महिलाओं को स्वास्थ्यकर्मी रूपेंद्र, सचिन, धर्मेंद्र और आकाश ने सुरक्षित निकाला।
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उर्जा निगम पर लापरवाही का आरोप, कई दिन पहले दी थी सूचना
खेकड़ा। स्वास्थ्यकर्मियों का कहना है कि उर्जा निगम के कर्मचारियों की लापरवाही से यह हादसा हुआ। कई दिन पहले खराब केबिल की जानकारी दी थी, लेकिन उनकी कोई बात नहीं सुनी गई।
यह सामान जल गया
खेकड़ा। आग से एक्सरे मशीन के पाट्र्स, पोलियो वैक्सीन कंटेनर, आइस पैक, वैक्सीन एवं गर्भवती महिलाओं का रिकॉर्ड एवं अन्य कीमती सामान जल गया।
उर्जा निगम ने बैठाई जांच
खेकड़ा। एसडीओ पुष्पेंद्र कुमार का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की सूचना के बाद उन्हें केबिल उपलब्ध कराने के लिए कहा गया था, लेकिन केबिल नहीं दिया गया। इसके बाद जेई नगर और जेई मीटर को जांच कर केबिल डलवाने के लिए कहा गया। पूरे मामले की जांच की जाएगी और अगर उर्जा निगम के कर्मचारी की लापरवाही है तो कार्रवाई होगी। लेकिन विभाग की ओर से केबिल दिए जाने का प्रावधान नहीं है।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने ही बिजली का खंभा है। यहां से केबिल के माध्यम से बिजली की सप्लाई सीएचसी में होती है। केबिल खराब होने से इसमें आए दिन फॉल्ट रहता था और चिंगारी उठती थी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से लिखित में पत्र देकर उर्जा निगम से केबिल बदलवाने की मांग रखी गई थी, लेकिन आरोप है कि निगम ने केबिल नहीं बदला। शुक्रवार रात करीब पौने आठ बजे सीएचसी की वायरिंग में चिंगारी से सीएचसी के स्टोर में आग लग गई। आग ने धीरे-धीरे विकराल रूप धारण कर लिया। अस्पताल में मौजूद स्वास्थ्यकर्मी रूपेंद्र और धर्मेंद्र ने आग देखी तो प्रभारी सीएचसी अधीक्षक को सूचना दी। आग से धुआं ही धुआं हो गया। कसबे के लोग भी मौके पर पहुंचे। स्वास्थ्यकर्मियों ने दमकल विभाग को जानकारी दी। स्वास्थ्यकर्मियों और दमकल विभाग ने करीब एक घंटे की मशक्कत से आग पर काबू पाया। आग से करीब पांच लाख रुपये के नुकसान का अनुमान बताया जा रहा है। सीएचसी अधीक्षक का कहना है कि अभी सूची तैयार की जाएगी।
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अस्पताल में धुआं ही धुआं, स्वास्थ्यकर्मियों ने बचाए मरीज
खेकड़ा। आग लगने के बाद सीएचसी में धुआं ही धुआं हो गया। इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्यकर्मियों ने किसी तरह मरीजों को सुरक्षित निकालकर दूसरे कक्षों में शिफ्ट किया। कसबे के लोगों ने भी स्वास्थ्यकर्मियों की मदद की। बीमार महिलाओं को स्वास्थ्यकर्मी रूपेंद्र, सचिन, धर्मेंद्र और आकाश ने सुरक्षित निकाला।
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उर्जा निगम पर लापरवाही का आरोप, कई दिन पहले दी थी सूचना
खेकड़ा। स्वास्थ्यकर्मियों का कहना है कि उर्जा निगम के कर्मचारियों की लापरवाही से यह हादसा हुआ। कई दिन पहले खराब केबिल की जानकारी दी थी, लेकिन उनकी कोई बात नहीं सुनी गई।
यह सामान जल गया
खेकड़ा। आग से एक्सरे मशीन के पाट्र्स, पोलियो वैक्सीन कंटेनर, आइस पैक, वैक्सीन एवं गर्भवती महिलाओं का रिकॉर्ड एवं अन्य कीमती सामान जल गया।
उर्जा निगम ने बैठाई जांच
खेकड़ा। एसडीओ पुष्पेंद्र कुमार का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की सूचना के बाद उन्हें केबिल उपलब्ध कराने के लिए कहा गया था, लेकिन केबिल नहीं दिया गया। इसके बाद जेई नगर और जेई मीटर को जांच कर केबिल डलवाने के लिए कहा गया। पूरे मामले की जांच की जाएगी और अगर उर्जा निगम के कर्मचारी की लापरवाही है तो कार्रवाई होगी। लेकिन विभाग की ओर से केबिल दिए जाने का प्रावधान नहीं है।