{"_id":"5b9d60ad867a557ff666b2f7","slug":"111537040557-baghpat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ग्रामीणों ने अद्र्धनग्न होकर प्रशासन के खिलाफ किया प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ग्रामीणों ने अद्र्धनग्न होकर प्रशासन के खिलाफ किया प्रदर्शन
Updated Sun, 16 Sep 2018 01:12 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दोघट (बागपत)।
भड़ल गांव में चर्म शोधन इकाइयों के विरोध में चल रहा ग्रामीणों का धरना पांचवें दिन भी जारी रहा। धरने पर ग्रामीणों ने अर्धनग्न होकर प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया।
वक्ताओं ने कहा कि मोदी सरकार ने स्वच्छता की मुहिम चला कर भारत को स्वच्छ बना रही है, लेकिन भड़ल गांव तो गंदगी से भरा हुआ है। गांव में मेहमानों ने आना भी बंद हो गए है और ना ही कोई रिश्ता करने को तैयार है। इकाइयों को लेकर ग्रामीणों ने डीएम से लेकर मुख्यमंत्री तक की शिकायत कर रखी है, लेकिन आज तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है। इसके कारण गांव में गंदगी फैली हुई है। चर्म शोधन इकाइयों से निकलने वाला दूषित पानी ग्रामीणों को मौत बांट रहा है। शासन-प्रशासन इसके प्रति गंभीर नहीं है। अधिकारी हर बार चर्म शोधन इकाइयों को गांव से बाहर स्थानांतरित कराने का आश्वासन देते है, लेकिन आज तक भी इन्हें स्थानांतरित नहीं किया। किसी भी अधिकारी ने उनके बीच पहुंचकर सुध नहीं ली। इसको लेकर ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है।
उन्होंने कहा कि जब तक चर्म शोधन इकाइयों को स्थानांतरित नहीं किया जाता, तब तक धरना जारी रहेगा। यदि अफसरों ने जल्दी ही कोई समाधान नहीं किया तो ग्रामीण भूख हड़ताल शुरू कर देंगे। ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ अर्द्ध नग्न होकर प्रदर्शन किया। इस मौके पर देवेंद्र प्रधान, राजपाल, डॉ. भवानी सिंह, राजबीर सिंह, राजेंद्र सिंह, कल्लू, मनोज, धर्मपाल सिंह, आनंद पाल, वीरेंद्र सिंह, मामचंद, संजीव राणा, वीर सैन, भोपाल सिंह, याकूब, शहजाद, खलील, रामपाल, तेजपाल, इंद्रपाल आदि रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
भड़ल गांव में चर्म शोधन इकाइयों के विरोध में चल रहा ग्रामीणों का धरना पांचवें दिन भी जारी रहा। धरने पर ग्रामीणों ने अर्धनग्न होकर प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया।
वक्ताओं ने कहा कि मोदी सरकार ने स्वच्छता की मुहिम चला कर भारत को स्वच्छ बना रही है, लेकिन भड़ल गांव तो गंदगी से भरा हुआ है। गांव में मेहमानों ने आना भी बंद हो गए है और ना ही कोई रिश्ता करने को तैयार है। इकाइयों को लेकर ग्रामीणों ने डीएम से लेकर मुख्यमंत्री तक की शिकायत कर रखी है, लेकिन आज तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है। इसके कारण गांव में गंदगी फैली हुई है। चर्म शोधन इकाइयों से निकलने वाला दूषित पानी ग्रामीणों को मौत बांट रहा है। शासन-प्रशासन इसके प्रति गंभीर नहीं है। अधिकारी हर बार चर्म शोधन इकाइयों को गांव से बाहर स्थानांतरित कराने का आश्वासन देते है, लेकिन आज तक भी इन्हें स्थानांतरित नहीं किया। किसी भी अधिकारी ने उनके बीच पहुंचकर सुध नहीं ली। इसको लेकर ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि जब तक चर्म शोधन इकाइयों को स्थानांतरित नहीं किया जाता, तब तक धरना जारी रहेगा। यदि अफसरों ने जल्दी ही कोई समाधान नहीं किया तो ग्रामीण भूख हड़ताल शुरू कर देंगे। ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ अर्द्ध नग्न होकर प्रदर्शन किया। इस मौके पर देवेंद्र प्रधान, राजपाल, डॉ. भवानी सिंह, राजबीर सिंह, राजेंद्र सिंह, कल्लू, मनोज, धर्मपाल सिंह, आनंद पाल, वीरेंद्र सिंह, मामचंद, संजीव राणा, वीर सैन, भोपाल सिंह, याकूब, शहजाद, खलील, रामपाल, तेजपाल, इंद्रपाल आदि रहे।
विज्ञापन