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विकास भवन में बाल श्रम करते बच्चों को पकड़ा
Updated Sat, 05 May 2018 12:40 AM IST
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विकास भवन में श्रम करते बच्चों को पकड़ा
बागपत। विकास भवन में खानाबदोश परिवार के दो बच्चों को श्रम करते महिला हेल्पलाइन की टीम ने पकड़ लिया। बाद में बच्चों के अभिभावकों को न्यायपीठ सीडब्ल्यूसी के सामने पेश किया गया, जहां उनसे बच्चों को स्कूल भेजने और उनकी सही देखभाल करने का शपथ पत्र लिया गया।
शुक्रवार की दोपहर विकास भवन में जूतों पर पॉलिश करने के लिए दो बच्चे पहुंच गए थे। वे कर्मचारी और अधिकारियों से जूतों पर पॉलिश करवाने के लिए कह रहे थे। उसी दौरान महिला हेल्पलाइन 181 की सुगमकर्ता रश्मि और रीता वहां पहुंची और उनके माता-पिता के बारे में पूछताछ की। दोनों बच्चों ने खुद को खानाबदोश परिवार का बताया। परिवार बड़ौत के पास ठहरा हुआ बताया। टीम दोनों बच्चों को साथ लेकर बड़ौत में उनके अभिभावकों के पास पहुंची। उसके बाद उन्होंने बच्चों और उनके अभिभावकों को न्यायपीठ बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया। न्यायपीठ ने बच्चों से पूछताछ की तो उन्होंने स्कूल नहीं जाने की बात कही। न्यायपीठ ने अभिभावकों को फटकार लगाई। साथ ही उनसे बच्चों को स्कूल भेजने और उनकी सही देखभाल करने का लिखित शपथ पत्र लिया। इसके बाद बच्चों को उनके हवाले कर दिया गया।
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विदेश से आ रही हैं मिस कॉल
अग्रवाल मंडी टटीरी। कस्बा निवासी मुकेश रुहेला ने बताया कि तीन दिनों से लगातार विदेशी नंबर से उनके मोबाइल पर मिस कॉल आ रही है। दिन में तीन-चार बार मिस कॉल की जा रही है, जिससे वह काफी परेशान हो गया है। पीड़ित ने इसकी शिकायत पुलिस से की।
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बागपत। विकास भवन में खानाबदोश परिवार के दो बच्चों को श्रम करते महिला हेल्पलाइन की टीम ने पकड़ लिया। बाद में बच्चों के अभिभावकों को न्यायपीठ सीडब्ल्यूसी के सामने पेश किया गया, जहां उनसे बच्चों को स्कूल भेजने और उनकी सही देखभाल करने का शपथ पत्र लिया गया।
शुक्रवार की दोपहर विकास भवन में जूतों पर पॉलिश करने के लिए दो बच्चे पहुंच गए थे। वे कर्मचारी और अधिकारियों से जूतों पर पॉलिश करवाने के लिए कह रहे थे। उसी दौरान महिला हेल्पलाइन 181 की सुगमकर्ता रश्मि और रीता वहां पहुंची और उनके माता-पिता के बारे में पूछताछ की। दोनों बच्चों ने खुद को खानाबदोश परिवार का बताया। परिवार बड़ौत के पास ठहरा हुआ बताया। टीम दोनों बच्चों को साथ लेकर बड़ौत में उनके अभिभावकों के पास पहुंची। उसके बाद उन्होंने बच्चों और उनके अभिभावकों को न्यायपीठ बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया। न्यायपीठ ने बच्चों से पूछताछ की तो उन्होंने स्कूल नहीं जाने की बात कही। न्यायपीठ ने अभिभावकों को फटकार लगाई। साथ ही उनसे बच्चों को स्कूल भेजने और उनकी सही देखभाल करने का लिखित शपथ पत्र लिया। इसके बाद बच्चों को उनके हवाले कर दिया गया।
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विदेश से आ रही हैं मिस कॉल
अग्रवाल मंडी टटीरी। कस्बा निवासी मुकेश रुहेला ने बताया कि तीन दिनों से लगातार विदेशी नंबर से उनके मोबाइल पर मिस कॉल आ रही है। दिन में तीन-चार बार मिस कॉल की जा रही है, जिससे वह काफी परेशान हो गया है। पीड़ित ने इसकी शिकायत पुलिस से की।
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