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डीएपी के महंगे दाम किसानों के लिए खड़ी करेंगे मुश्किलें
Updated Mon, 12 Mar 2018 12:52 AM IST
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बागपत। इफ्को के डीएपी के रेट प्रति बैग 124 रुपये बढ़ाने से किसानों को झटका लगा है। गन्ने की बुवाई की तैयारी में जुटे किसानों ने कहा दाम बढ़ने से फसल की लागत बढ़ गई है, जबकि उनका भुगतान भी अभी तक नहीं मिला। सरकार को किसान हित में बढ़े वादों को वापस कराना चाहिए। यह निर्णय गलत है।
इफ्को ने 50 किलोग्राम के डीएपी बैग की कीमत 12 सौ रुपये कर दी है, जबकि पहले इसकी कीमत 1076 रुपये थी। एक बोरे पर 124 रुपये की बढ़ोत्तरी से किसानों को जोर का झटका लगा है। वेस्ट यूपी में किसान गन्ने की बुवाई में इन दिनों डीएपी का प्रयोग कर रहे हैं। इसके अलावा गेहूं कटाई के बाद भी गन्ने की बुवाई में ही डीएपी का अधिक प्रयोग किया जाता है। यूरिया के अलावा डीएपी की ही किसान सबसे अधिक मांग करते हैं। लेकिन 124 रुपये की बढ़ोत्तरी से किसानों के समक्ष आर्थिक परेशानियां खड़ी हो जाएगी।
क्या कहते हैं किसान नेता
युवा रालोद के जिलाध्यक्ष प्रमेंद्र तोमर का कहना है कि डीएपी के दाम में बढ़ोत्तरी से किसानों को नुकसान होगा। यह गलत फैसला है। तुरंत डीएपी के बढ़े दामों को वापस लिया जाना चाहिए।
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भाकियू नेता हिम्मत सिंह का कहना है कि डीएपी के दाम बढ़ाया जाना किसान हित में नहीं है। सरकार को इस फैसले को वापस कराना चाहिए, इसका विरोध किया जाएगा।
पुराने रेट पर मिलेगा पुराना स्टॉक
बागपत। किसानों के लिए कुछ दिन के लिए राहत की बात है। सहकारी निबंधक विकास नेहरा का कहना है कि पुराने स्टॉक में करीब तीन हजार मीट्रिक टन डीएपी है, इसे किसानों को पुराने रेट में ही उपलब्ध कराया जाएगा। सहकारी क्षेत्र का जिले का मार्च तक का लक्ष्य 3177 मीट्रिक टन डीएपी था, जबकि जिले के पास करीब 61 सौ मीट्रिक का स्टॉक था। शेष स्टॉक को किसानों को पुराने दामों में ही उपलब्ध कराया जाएगा।
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इफ्को ने 50 किलोग्राम के डीएपी बैग की कीमत 12 सौ रुपये कर दी है, जबकि पहले इसकी कीमत 1076 रुपये थी। एक बोरे पर 124 रुपये की बढ़ोत्तरी से किसानों को जोर का झटका लगा है। वेस्ट यूपी में किसान गन्ने की बुवाई में इन दिनों डीएपी का प्रयोग कर रहे हैं। इसके अलावा गेहूं कटाई के बाद भी गन्ने की बुवाई में ही डीएपी का अधिक प्रयोग किया जाता है। यूरिया के अलावा डीएपी की ही किसान सबसे अधिक मांग करते हैं। लेकिन 124 रुपये की बढ़ोत्तरी से किसानों के समक्ष आर्थिक परेशानियां खड़ी हो जाएगी।
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क्या कहते हैं किसान नेता
युवा रालोद के जिलाध्यक्ष प्रमेंद्र तोमर का कहना है कि डीएपी के दाम में बढ़ोत्तरी से किसानों को नुकसान होगा। यह गलत फैसला है। तुरंत डीएपी के बढ़े दामों को वापस लिया जाना चाहिए।
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भाकियू नेता हिम्मत सिंह का कहना है कि डीएपी के दाम बढ़ाया जाना किसान हित में नहीं है। सरकार को इस फैसले को वापस कराना चाहिए, इसका विरोध किया जाएगा।
पुराने रेट पर मिलेगा पुराना स्टॉक
बागपत। किसानों के लिए कुछ दिन के लिए राहत की बात है। सहकारी निबंधक विकास नेहरा का कहना है कि पुराने स्टॉक में करीब तीन हजार मीट्रिक टन डीएपी है, इसे किसानों को पुराने रेट में ही उपलब्ध कराया जाएगा। सहकारी क्षेत्र का जिले का मार्च तक का लक्ष्य 3177 मीट्रिक टन डीएपी था, जबकि जिले के पास करीब 61 सौ मीट्रिक का स्टॉक था। शेष स्टॉक को किसानों को पुराने दामों में ही उपलब्ध कराया जाएगा।