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Baghpat News: डेंगू के लिए 11 गांव संवेदनशील, टीम आज तक नहीं पहुंची
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बागपत। जिले में वायरल के साथ डेंगू का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। जिले में अब तक डेंगू के 40 मरीज मिल चुके हैं। इसको देखते हुए ही स्वास्थ्य विभाग ने 11 गांव को संवेदनशील चिह्नित किया। मगर आज तक इन गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीम एक बार भी नहीं पहुंची। इससे ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि स्वास्थ्य विभाग का डेंगू की रोकथाम को लगातार जांच करने का दावा कितना सही है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले में 11 गांव संवेदनशील घोषित किए गए हैं। जिनमें डेंगू व वायरल अधिक फैलने की आशंका जताई गई है। वहीं मंगलवार को जिले में डेंगू के दो नए केस मिले हैं। इस तरह जिले में अब तक डेंगू के 40 मरीज मिल चुके हैं। इनमें 33 मरीजों में किट और सात मरीजों में एलाइजा रिपोर्ट से डेंगू की पुष्टि हुई है। डेंगू से बचाव और लोगों को जागरुक करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रत्येक सीएचसी और पीएचसी को टीम का गठन कर लोगों की जांच के निर्देश दिए है। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग की ओर से गांवों में शिविर नहीं लगाए जा रहे है। लोगों को बीमार होने पर अस्पतालों में ही जांच कराने के लिए आना पड़ रहा है।
- इन गांवों को किया गया चिह्नित
-जिले में नौरोजपुर गुर्जर, फैजपुर निनाना, दाहा, भड़ल, लहचौड़ा, रटौल, खट्टा प्रह्लादपुर, बसौद, टांडा, असारा, ढिकाना को संवेदनशील चिह्नित किया गया है।
- बढ़ रहा बुखार का प्रकोप, नहीं लग रहे शिविर
- गांव में बुखार के मरीज बढ़ रहे हैं। लोगों को जांच कराने के लिए अस्पताल की दौड़ लगानी पड़ रही है। गांव में स्वास्थ्य विभाग की ओर से टीम नहीं भेजी गई है। - वेदपाल, ढिकाना
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- गांव के लोग वायरल की चपेट में आ रहे है। गांव में न दवा का छिड़काव कराया गया है और न ही शिविर लगवाया गया है। लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। - जगपाल सिंह, भड़ल
- मौसम में हो रहे बदलाव के कारण लोगों को वायरल बुखार जकड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग को सूचित करने के बाद भी गांव में शिविर नहीं लगाया जा रहा है। - खालिद चौधरी, रटौल
- एंटीलार्वा का छिड़काव और फॉगिंग कराना प्रधान की जिम्मेदारी
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. सावित्री का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से डेंगू का मरीज मिलने पर गांवों में एंटीलार्वा का छिड़काव कराया जा रहा है और शिविर लगाकर लोगों की जांच भी कराई जा रही है। गांवों में एंटीलार्वा का छिड़काव और फॉगिंग कराने की जिम्मेदारी ग्राम प्रधानों की है। ग्राम प्रधान अपने स्तर से गांवों में एंटीलार्वा का छिड़काव करा रहे हैं।
- सीएचसी और पीएचसी प्रभारियों को टीमों का गठन कर गांवों में शिविर लगाकर जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से गांवों में कैंप लगाकर लोगों की जांच कराई जा रही है। अगर किसी जगह लापरवाही बरती जा रही है तो उसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. महावीर सिंह, सीएमओ
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले में 11 गांव संवेदनशील घोषित किए गए हैं। जिनमें डेंगू व वायरल अधिक फैलने की आशंका जताई गई है। वहीं मंगलवार को जिले में डेंगू के दो नए केस मिले हैं। इस तरह जिले में अब तक डेंगू के 40 मरीज मिल चुके हैं। इनमें 33 मरीजों में किट और सात मरीजों में एलाइजा रिपोर्ट से डेंगू की पुष्टि हुई है। डेंगू से बचाव और लोगों को जागरुक करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रत्येक सीएचसी और पीएचसी को टीम का गठन कर लोगों की जांच के निर्देश दिए है। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग की ओर से गांवों में शिविर नहीं लगाए जा रहे है। लोगों को बीमार होने पर अस्पतालों में ही जांच कराने के लिए आना पड़ रहा है।
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- इन गांवों को किया गया चिह्नित
-जिले में नौरोजपुर गुर्जर, फैजपुर निनाना, दाहा, भड़ल, लहचौड़ा, रटौल, खट्टा प्रह्लादपुर, बसौद, टांडा, असारा, ढिकाना को संवेदनशील चिह्नित किया गया है।
- बढ़ रहा बुखार का प्रकोप, नहीं लग रहे शिविर
- गांव में बुखार के मरीज बढ़ रहे हैं। लोगों को जांच कराने के लिए अस्पताल की दौड़ लगानी पड़ रही है। गांव में स्वास्थ्य विभाग की ओर से टीम नहीं भेजी गई है। - वेदपाल, ढिकाना
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- गांव के लोग वायरल की चपेट में आ रहे है। गांव में न दवा का छिड़काव कराया गया है और न ही शिविर लगवाया गया है। लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। - जगपाल सिंह, भड़ल
- मौसम में हो रहे बदलाव के कारण लोगों को वायरल बुखार जकड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग को सूचित करने के बाद भी गांव में शिविर नहीं लगाया जा रहा है। - खालिद चौधरी, रटौल
- एंटीलार्वा का छिड़काव और फॉगिंग कराना प्रधान की जिम्मेदारी
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. सावित्री का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से डेंगू का मरीज मिलने पर गांवों में एंटीलार्वा का छिड़काव कराया जा रहा है और शिविर लगाकर लोगों की जांच भी कराई जा रही है। गांवों में एंटीलार्वा का छिड़काव और फॉगिंग कराने की जिम्मेदारी ग्राम प्रधानों की है। ग्राम प्रधान अपने स्तर से गांवों में एंटीलार्वा का छिड़काव करा रहे हैं।
- सीएचसी और पीएचसी प्रभारियों को टीमों का गठन कर गांवों में शिविर लगाकर जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से गांवों में कैंप लगाकर लोगों की जांच कराई जा रही है। अगर किसी जगह लापरवाही बरती जा रही है तो उसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. महावीर सिंह, सीएमओ