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पेयजल योजना के लिए बिजरौल-बिराल में नहीं मिल रही जमीन
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बागपत। बिजरौल और बिराल गांव में जमीन न मिलने के कारण पाइप पेयजल योजना परवान नहीं चढ़ रही है, जबकि बिजरौल गांव में दो करोड़ रुपये पूर्व में वापस हो चुके हैं। जल निगम के अधिशासी अभियंता संजय गौतम ने दोनों गांवों के प्रधानों को 900-900 वर्ग गज जमीन मुहैया कराने के लिए पत्र लिखा है।
हिंडन और कृष्ण नदी क्षेत्र और उसके आसपास गांव का पानी दूषित है। 55 गांवों में 555 हैंडपंप उखाड़े जा चुके हैं। कई गांवों में पाइप पेयजल योजना संचालित कर शुद्ध पानी पहुंचाने की सुविधा की। बड़ौत ब्लॉक के बिजरौल और बराल गांव ऐसा है जहां पर योजना के संचालन के लिए जल निगम को जमीन उपलब्ध नहीं कराई जा रही है, जबकि बिजरौल गांव में योजना स्वीकृत होने के बाद दो करोड़ रुपये निर्माण के लिए आ गए । यहां पर जमीन न मिलने के कारण सभी धनराशि विभाग को वापस करनी पड़ी। जल निगम के अधिशासी अभियंता संजय कुमार गौतम ने दोनों गांवों के प्रधानों को पत्र लिखा। कहा कि प्रस्तावित योजना के लिए जलकल परियोजना हेतु 900-900 वर्ग गज जमीन की आवश्यकता है। बिजरौल में विरोध के कारण योजना संचालित नहीं हो चुकी थी। धनराशि वापस करनी पड़ी। उन्होंने दोनों गांवों के प्रधान से नि:शुल्क जमीन मुहैया कराने के लिए कहा है। गांव में खुली बैठक कर जलकल परियोजना के लिए भूमि का प्रस्ताव ग्रामवासियों की सहमति से प्राप्त कर कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए।
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हिंडन और कृष्ण नदी क्षेत्र और उसके आसपास गांव का पानी दूषित है। 55 गांवों में 555 हैंडपंप उखाड़े जा चुके हैं। कई गांवों में पाइप पेयजल योजना संचालित कर शुद्ध पानी पहुंचाने की सुविधा की। बड़ौत ब्लॉक के बिजरौल और बराल गांव ऐसा है जहां पर योजना के संचालन के लिए जल निगम को जमीन उपलब्ध नहीं कराई जा रही है, जबकि बिजरौल गांव में योजना स्वीकृत होने के बाद दो करोड़ रुपये निर्माण के लिए आ गए । यहां पर जमीन न मिलने के कारण सभी धनराशि विभाग को वापस करनी पड़ी। जल निगम के अधिशासी अभियंता संजय कुमार गौतम ने दोनों गांवों के प्रधानों को पत्र लिखा। कहा कि प्रस्तावित योजना के लिए जलकल परियोजना हेतु 900-900 वर्ग गज जमीन की आवश्यकता है। बिजरौल में विरोध के कारण योजना संचालित नहीं हो चुकी थी। धनराशि वापस करनी पड़ी। उन्होंने दोनों गांवों के प्रधान से नि:शुल्क जमीन मुहैया कराने के लिए कहा है। गांव में खुली बैठक कर जलकल परियोजना के लिए भूमि का प्रस्ताव ग्रामवासियों की सहमति से प्राप्त कर कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए।
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